– विधानसभा और विधान परिषद की स्वीकृति, राज्य मंत्री जायस्वाल ने किये प्रयास
रामटेक :- रामटेक के ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व वाले श्रीराम मंदिर देवस्थान ट्रस्ट (रामटेक) विधेयक, 2026 को शुक्रवार को महाराष्ट्र मंत्रिमंडल, विधानसभा और विधान परिषद से मंजूरी मिल गई। करीब 55 वर्षों से लंबित इस मांग के पूरी होने के साथ ही मंदिर के लिए स्वतंत्र ट्रस्ट के गठन का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
नये कानून के तहत श्रीराम मंदिर के प्रशासन, विकास और प्रबंधन के लिए एक स्वतंत्र एवं जवाबदेह न्यासी व्यवस्था स्थापित की जाएगी। इससे मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का विस्तार, धार्मिक विरासत का संरक्षण तथा विकास कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित होने की उम्मीद है। साथ ही रामटेक को राष्ट्रीय धार्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में भी यह महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस विधेयक को आगे बढ़ाने में राज्य मंत्री आशीष जायसवाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने जुलाई 2024 में मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर शिर्डी संस्थान की तर्ज पर श्रीराम मंदिर के लिए स्वतंत्र ट्रस्ट गठित करने की मांग उठाई थी। इसके बाद उन्होंने विभिन्न स्तरों पर लगातार प्रयास किये, जिसके परिणामस्वरूप यह विधेयक दोनों सदनों से पारित हो सका।

सबके संघर्ष की जीत : जायसवाल
विधेयक पारित होने के बाद राज्य मंत्री आशीष जायसवाल ने इसे रामटेक की जनता, संत-महंतों और राम भक्तों की आस्था एवं वर्षों के संघर्ष की जीत बताया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक विधेयक नहीं, बल्कि रामटेक के धार्मिक और सांस्कृतिक पुनरुत्थान की नई शुरुआत है।जायसवाल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री अजित पवार, मंत्रिमंडल के सहयोगियों, विधानमंडल के सदस्यों, संत-महंतों तथा रामटेक की जनता का आभार व्यक्त किया।




