जलगांव :- जलगांव, धुलिया और नंदुरबार जिलों में बिजली बिल बकाया को लेकर महावितरण ने बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। बार-बार नोटिस और अपील के बावजूद भुगतान न करने वाले करीब 6 हजार उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति दिसंबर महीने में काट दी गई है। अब कार्रवाई का दायरा और बढ़ाते हुए महावितरण ने संकेत दिए हैं कि आर्थिक रूप से सक्षम और राजनीतिक संरक्षण में रहकर बिल न भरने वाले बड़े बकायादारों के नाम अब सीधे अखबारों में सार्वजनिक किए जाएंगे।
1103 करोड़ से ज्यादा का भारी भरकम बकाया
जलगांव परिमंडल में बकाया की स्थिति चिंताजनक स्तर पर पहुंच गई है। कृषि श्रेणी को छोड़कर करीब साढ़े छह लाख लो-टेंशन उपभोक्ताओं पर कुल 1103 करोड़ 23 लाख रुपये का बकाया हैः जलगांव जिलाः 556 करोड़ 53 लाख रुपये। धुलिया जिलाः 322 करोड़ 10 लाख रुपये। नंदुरबार जिलाः 224 करोड़ 60 लाख रुपये, हैरानी की बात यह है कि हजारों उपभोक्ताओं ने पिछले एक साल से एक रुपया भी जमा नहीं किया है, जिससे यह आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है।
दबंगों के खिलाफ ‘पुलिस प्रोटेक्शन’ में एक्शन
जलगांव परिमंडल के मुख्य अभियंता आई.ए. मुलाणी ने सख्त निर्देश दिए हैं कि जिद्दी और दबंग बकायादारों के खिलाफ पुलिस बंदोबस्त में कार्रवाई की जाए। संवेदनशील इलाकों में कर्मचारियों को विरोध का सामना करना पड़ता है, इसलिए अब विशेष पथकों के साथ पुलिस सुरक्षा में बिजली कटौती की जाएगी। अब ‘नाम और शर्म’ की नीति महावितरण ने अब संपन्न और रसूखदार बकायादारों पर सामाजिक दबाव बनाने का फैसला किया है। जो लोग सक्षम होने के बावजूद राजनीतिक दबाव बनाकर कार्रवाई टालते हैं, उनके नाम अब स्थानीय अखबारों में प्रकाशित किए जाएंगे, विशेष रूप से चुनावी माहौल देखते हुए, महावितरण ने नगर निगम प्रशासन को भी पत्र लिखकर चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों से अपना बकाया चुकाने की अपील की है।
डिजिटल भुगतान की अपील
महावितरण ने स्पष्ट किया है कि बिल भरने के लिए अब दफ्तरों के चक्कर काटने या लाइन में लगने की जरूरत नहीं है। उपभोक्ता घर बैठे ही माध्यमों से भुगतान कर सकते हैंः यूपीआई (UPI), नेट बैंकिंग, मोबाइल वॉलेट। फोन-पे, गूगल-पे और महावितरण की आधिकारिक वेबसाइट।




