Home Latest News 944 पीओपी मूर्तियों में एक पर भी नहीं मिला लाल निशान

944 पीओपी मूर्तियों में एक पर भी नहीं मिला लाल निशान

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<p><strong>&&num;8211&semi; एनएमसी के कृत्रिम कुंडों में विसर्जन के आंकड़ों से सामने आई नियमों के पालन में कमी<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;<p><strong>नागपुर &colon;- <&sol;strong>नागपुर महानगरपालिका के कृत्रिम कुंडों में गणेश विसर्जन के दौरान अब तक 944 पीओपी &lpar;प्लास्टर ऑफ पेरिस&rpar; मूर्तियों की पहचान हुई है&comma; लेकिन इनमें से एक भी मूर्ति पर निर्धारित लाल निशान नहीं मिला। राज्य सरकार ने पीओपी मूर्तियों की पहचान के लिए निर्माताओं और विक्रेताओं को मूर्तियों के पीछे स्पष्ट रूप से लाल निशान लगाने के निर्देश दिए थे।<&sol;p>&NewLine;<p>मनपा के आंकड़ों के अनुसार&comma; 14 और 15 सितंबर को 2&comma;079 मूर्तियों का विसर्जन हुआ&comma; जिनमें 69 पीओपी की थीं। 16 सितंबर को 707 में से 33&comma; 18 सितंबर को 1&comma;417 में से 93 और 20 सितंबर को 4&comma;550 में से 247 मूर्तियां पीओपी की थीं। 22 सितंबर को 2&comma;286 मूर्तियों में 162 पीओपी की थीं। 23 सितंबर के 10वें दिन के आंकड़ों में 7&comma;023 मूर्तियों का विसर्जन दर्ज किया गया। इनमें 6&comma;683 मिट्टी और 340 पीओपी की मूर्तियां थीं। इस तरह अब तक कृत्रिम कुंडों में कुल 18&comma;062 मूर्तियों का विसर्जन हुआ है&comma; जिनमें 17&comma;118 मिट्टी और 944 पीओपी की हैं।ग्रीन विजिल फाउंडेशन की टीम की प्रमुख सुरभि जायसवाल के अनुसार&comma; फुटाला तालाब पर विसर्जन के दौरान कई पीओपी मूर्तियां बिना लाल निशान के मिलीं। कुछ श्रद्धालुओं ने स्वयंसेवकों को बताया कि विक्रेताओं ने उन्हें पीओपी मूर्तियों को मिट्टी की मूर्ति बताकर बेचा था।<&sol;p>&NewLine;<p><strong>मिलना निर्देशों के क्रियान्वयन पर सवाल<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;<p>पीओपी मूर्तियों पर लाल निशान लगाने की व्यवस्था का उद्देश्य खरीदारी के समय ही श्रद्धालुओं को मूर्ति की सामग्री की पहचान कराने के साथ नियमों का पालन सुनिश्चित करना है। मनपा के आंकड़ों में पीओपी मूर्तियों की संख्या भले कुल विसर्जन की तुलना में कम हो&comma; लेकिन किसी भी मूर्ति पर निर्धारित लाल निशान नहीं मिलना निर्देशों के क्रियान्वयन पर सवाल खड़े करता है।<&sol;p>&NewLine;

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