पारशिवनी :- तहसिल के सिंगोरी खुली कोयला खदान परिसर मे प्रभु विश्वकर्मा मुर्ती स्थापना कर पूजा दिवस कोयला खदान की तरह आयोजन समिति द्वारा भगवान विश्वक र्मा की प्रतिमा स्थापना कर सिंगोरी खुली खदान क्षेत्र में बड़े हर्षोउल्लास के साथ महा प्रसाद कर मनाया गया. उक्त प्रतिमा पर पुजा हवन माल्यार्पण किया गया.
विश्वकर्मा पूजा का विशेष महत्व है. की भगवान विश्वकर्मा भगवान ब्रह्मा के पुत्र हैं, जिन्होंने ब्रह्मांड को बनाने में ब्रह्मा की मदद की थी. भगवान विश्वकर्मा को दुनिया का पहला वास्तुकार व शिल्पकार माना जाता है. यह त्योहार मुख्य रूप से न कारीगरों, शिल्पकारों, इंजीनियरों और औद्योगिक व खदान क्षेत्रो के मजदूरों द्वारा में मनाया जाता है. इस दिन यह लोग अपने औजारों और मशीनों की पूजा करते हैं.यह त्योहार उस दिन मनाया जाता है प्रभु विश्वकर्मा पूजा दिवस दिव्य शिल्पकार और शिल्पकार भगवान विश्वकर्मा के सम्मान में मनाया जाता है, जिन्हें संसार का रचयिता और वास्तुकार माना जाता है. यह त्यौहार मुख्य रूप से इंजीनियर, वास्तुकार,कारीगर और अन्य कामकाजी मजदुर लोगों द्वारा मनाया जाता है. इस दिन लोग अपने कार्यस्थलों और कारखानों में मशीनरी और औजारों की पूजा करते हैं, ताकि उन्हें अपने काम में सफलता और आशीर्वाद प्राप्त हो.
इस आयोजन समारोह के सिंगोरी खुल्या खदान मे दिनांक 17 सप्टेंबर को सृष्टी चे रचयता भगवान विश्वकर्मांची जयंती हर्षोल्लास से मनाई गई जिसके अंतर्गत होम हवन पूजा अर्चना क्षेत्र के उपक्षेत्रीय प्रबंधक पांडे , खान प्रबंधक कापकर , खान अभियंता दिलीप इनके द्वारा सकी कामगारो की सुख समृद्धी और सुरक्षित की कामना कि गई इस अवसर पर प्रमुख रूप से आयोजन समिती के सचिव प्रवीण बावणे, अध्यक्ष राजकुमार बागडे , कोषाध्यक्ष बोरकर , जगनराज , लखन धोटे, सुनील देऊळकर, वृषभ व्यापारी , राजु भड, घनश्याम पारदी, नितेश मेहरे, संगीत शर्मा , सुधाकर चौधरी , हेमंत गुप्ता , प्रभाकर कामडे, और समस्त कामगार संघटन के स्वप्नील खोब्रागडे, सुरेश मनगटे आणि मनोज मौर्य सहीत सभी अधिकारी ,कामगार नेता व वेकोली कर्मी प्रमुख रूप से उपस्थित थे .




