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जिले में आम नागरिकों को मिला मुफ्त नेत्र जांच, शस्त्रक्रिया और चश्मों का सहारा

▪ नमो नेत्र संजीवनी स्वास्थ्य अभियान ने ग्रामीण अंचल तक पहुंचाया लाभ

▪ मुख्यमंत्री वैद्यकीय सहायता निधि व धर्मार्थ अस्पताल सहायता कक्ष की अभिनव पहल

नागपुर :- मुख्यमंत्री वैद्यकीय सहायता निधि और धर्मार्थ अस्पताल सहायता कक्ष के समन्वय से नमो नेत्र संजीवनी स्वास्थ्य अभियान जिले के ग्रामीण क्षेत्रों तक प्रभावी रूप से पहुंचा है। वर्तमान में इस अभियान में जिले के 11 प्रतिष्ठित अस्पताल जुड़े हुए हैं। इसमें नागपुर महानगर पालिका, सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग, शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय, ज्योतिबा फुले योजना अंतर्गत अस्पताल और धर्मार्थ अस्पताल शामिल हैं।

अब तक कुल 42 स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए, जिनसे करीब 4,562 मरीजों ने लाभ उठाया है। यह जानकारी मुख्यमंत्री वैद्यकीय सहायता निधि व धर्मार्थ अस्पताल सहायता कक्ष के सदस्य सचिव एवं कक्ष प्रमुख डॉ. सागर पांडे ने दी।

शिविरों में जांच किए गए मरीजों में से रोग की गंभीरता के आधार पर 526 मरीजों को द्वितीय स्तरीय निदान व उपचार सेवाओं के लिए भेजा गया। इनमें मोतियाबिंद और अन्य नेत्र रोगों से संबंधित शस्त्रक्रिया मरीज शामिल हैं। लगभग 1,175 जरूरतमंद मरीजों ने चश्मा प्राप्त करने के लिए पंजीकरण कराया, जबकि 856 मरीजों की मोतियाबिंद शस्त्रक्रियाएं सफलतापूर्वक पूरी की गईं। इसके अलावा, अन्य नेत्र रोगों की 161 शस्त्रक्रियाएं भी अब तक संपन्न हो चुकी हैं।

डॉ. सागर पांडे ने कहा, “प्रत्येक जरूरतमंद मरीज तक पहुंचना ही हमारा संकल्प है।”

पूरे राज्य में चलाए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य गांव-गांव और समाज के अंतिम छोर तक स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाना है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की संकल्पना से शुरू किए गए इस अभियान ने गरीब और वंचित वर्ग को नया जीवन दिया है। झोपड़पट्टी और घुमंतू समाज के लोगों तक भी यह सेवा पहुंच रही है। जो मरीज आर्थिक तंगी के कारण उपचार नहीं करा पाते थे, उन्हें भी अब मुफ्त नेत्र उपचार और शस्त्रक्रिया की सुविधा मिल रही है।


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