– बेलदा गाँव में शराबबंदी के लिए महिलाओं का एल्गार
– ग्रामरक्षक दल और तंटामुक्त समिति ने थाना प्रभारी को सौंपा निवेदन
सचिन चौरसिया, प्रतिनिधि रामटेक :- गाँव में अवैध शराब बिक्री बंद करने के लगातार प्रयास नाकाम रहने के बाद, आखिरकार रामटेक तहसील के बेलदा ग्राम पंचायत ने बड़ा और साहसिक कदम उठाया है।
आदिवासी बहुल क्षेत्र में स्थित ग्राम पंचायत बेलदा के अंतर्गत आने वाले गाँवों में शराबबंदी लागू करने की एकमुखी माँग की गई है। ग्राम पंचायत की महिला सरपंच स्नेहा उमेश भांडारकर के नेतृत्व में महिलाओं ने, ग्रामरक्षक दल और तंटामुक्त समिति के सदस्यों के साथ मिलकर, देवलापार पुलिस थाने के प्रभारी तुरकुंडे को ज्ञापन सौंपा।
इस संबंध में ग्राम पंचायत बेलदा की बैठक में रविवार, 21 सितंबर को सर्वसम्मति से शराबबंदी का ठराव पारित किया गया।
ग्राम पंचायत बेलदा अब स्वच्छ भारत मिशन के तहत शासन की टप्पा-2 योजना में प्रवेश कर रही है। यहाँ ग्रामरक्षक दल, तंटामुक्त समिति, गाँववासी और महिला मंडल सभी ने मिलकर शराबबंदी का निर्णय लिया।
ग्राम पंचायत बेलदा के अंतर्गत मौजा बेलदा, नवेगांव खुर्द और गोरेघाट जैसे गाँव आते हैं। पंचायत क्षेत्र में सरकारी आश्रमशाला, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था (आईटीआई), जिला परिषद स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, वाचनालय और आंगनवाड़ी भी मौजूद हैं। यही कारण है कि कई छात्र बाहर गाँवों से शिक्षा प्राप्त करने यहाँ आते हैं। इस पृष्ठभूमि में रविवार, 21 सितंबर को शराबबंदी का प्रस्ताव पारित किया गया।
महिलाओं की आवाज – बेलदा में शराबबंदी जरूरी
बेलदा की महिलाओं का कहना है कि गाँव में बाहर से आने वाले छात्रों की शिक्षा, गाँव की शांति, स्वच्छता, स्वास्थ्य, सुशासन और तंटामुक्त वातावरण के लिए शराबबंदी आवश्यक है।
उनका मानना है कि शराब नई पीढ़ी, किसानों, युवाओं और बुजुर्ग माता-पिता के भविष्य के लिए बड़ी बाधा है। इसीलिए शराबबंदी लागू होना समय की माँग है।
सूत्रों के अनुसार, देवलापार पुलिस थाने के अंतर्गत अवैध शराब विक्रेताओं पर कार्रवाई पहले से ही शुरू है।




