– सिंगल विंडो सिस्टम से निवेश प्रक्रिया में आई पारदर्शिता और तेजी
– शिक्षा व कौशल विकास के ज़रिए तैयार हो रही कुशल जनशक्ति
मुंबई :- राज्य सरकार ‘ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस’ नीति पर अमल कर रही है और सरकार की नीति निवेशकों की समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान करने और राज्य में निवेश को लाभदायक बनाने की है। महाराष्ट्र देश का सबसे उद्योग-अनुकूल राज्य है और यहाँ अच्छी संचार सुविधाएँ भी उपलब्ध हैं। शिक्षा के क्षेत्र में, विभिन्न देशों के उत्कृष्ट विश्वविद्यालयों के साथ साझेदारी की गई है और बड़ी संख्या में कुशल जनशक्ति का निर्माण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को यहाँ कहा कि राज्य में उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार राज्य में उद्योगों और निवेश को बढ़ावा देने के लिए ‘ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस’ नीति पर तेजी से अमल कर रही है। इस नीति का उद्देश्य निवेशकों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना और उन्हें एक ऐसा अनुकूल माहौल प्रदान करना है, जिससे राज्य में निवेश न केवल सुरक्षित बल्कि अत्यंत लाभदायक भी बने।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र आज देश का सबसे उद्योग-अनुकूल राज्य बन चुका है। यहाँ निवेश के लिए आवश्यक सभी मूलभूत सुविधाएँ— जैसे कि बेहतर संचार व्यवस्था, परिवहन नेटवर्क, बिजली, जल और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर— उपलब्ध हैं। इसके अलावा, राज्य सरकार लगातार उद्योगपतियों के साथ संवाद बनाए रख रही है ताकि नीति निर्माण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित हो सके। फडणवीस ने बताया कि राज्य में ‘सिंगल विंडो सिस्टम’ लागू किया गया है, जिससे उद्योगों को सभी आवश्यक अनुमतियाँ और लाइसेंस एक ही मंच पर प्राप्त हो जाते हैं। इससे निवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता और गति आई है। उन्होंने यह भी कहा कि महाराष्ट्र ने शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण प्रगति की है।
महाराष्ट्र को एशिया का प्रमुख औद्योगिक केंद्र बनाने का संकल्प
राज्य सरकार ने कई अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों और संस्थानों के साथ समझौते किए हैं, जिससे यहाँ की युवा पीढ़ी को वैश्विक स्तर की शिक्षा और प्रशिक्षण प्राप्त हो रहा है। इसके परिणामस्वरूप, राज्य में बड़ी संख्या में कुशल जनशक्ति तैयार की जा रही है, जो उद्योगों की बढ़ती मांग को पूरा करने में सहायक सिद्ध होगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इन प्रयासों से महाराष्ट्र आने वाले वर्षों में न केवल देश का बल्कि एशिया के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में से एक बनेगा। उन्होंने निवेशकों से राज्य में अधिक से अधिक निवेश करने का आह्वान किया और आश्वासन दिया कि सरकार हर स्तर पर उनके साथ सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है।








