– नागपुर ज़िले की 11 नगर परिषदों में अध्यक्षों का आरक्षण घोषित
– बूटीबोरी एससी तो कामठी में सामन्या वर्ग का होगा अध्यक्ष
नागपूर:- राज्य सरकार और राज्य चुनाव आयोग ने स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारियों को तेज़ कर दिया है। इसी के तहत बुधवार को प्रशासन ने राज्य की 247 नगर परिषदों और नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद के लिए आरक्षण घोषित किया। नागपुर जिले की 11 नगर परिषदों के अध्यक्ष पदों का आरक्षण तय कर दिया गया है। इसके अनुसार, कामठी नगर परिषद सामान्य वर्ग (पुरुष) के लिए आरक्षित की गई है, जबकि बूटीबोरी नगर परिषद इस बार अनुसूचित जाति (पुरुष) वर्ग के लिए आरक्षित रही है। ज्ञात हो कि सर्वोच्च न्यायालय ने राज्य चुनाव आयोग को 31 जनवरी से पहले राज्य के सभी स्थानीय निकाय और महानगर पालिका चुनाव संपन्न कराने का आदेश दिया है। इसी के मद्देनज़र आयोग लगातार नगर परिषदों और नगर पंचायतों के आरक्षण की घोषणा कर रहा है। जारी आरक्षण सूची के अनुसार, नागपुर जिले की 11 नगर परिषदों में इस बार महिला नेतृत्व का दबदबा रहेगा। कई सीटें महिला वर्ग के लिए आरक्षित की गई हैं। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बवानकुले के विधानसभा क्षेत्र में आने वाली कामठी नगर परिषद सामान्य वर्ग (पुरुष) के लिए आरक्षित हुई है। वहीं, हिंगना विधानसभा की वाड़ी नगर परिषद और काटोल विधानसभा की नारखेड नगर परिषद सामान्य वर्ग (पुरुष) के लिए आरक्षित की गई हैं। इसके अलावा, उमरेड नगर परिषद ओबीसी महिला वर्ग के लिए आरक्षित की गई है। वहीं कन्हन-पिंपरी, रामटेक और खापा नगर परिषदों में ओबीसी पुरुष अध्यक्ष होंगे।
वानाडोंगरी और दिडडोह देवी नगर परिषदों पर अनुसूचित जाति महिला वर्ग की अध्यक्ष चुनी जाएगी, जबकि बूटीबोरी और कल्मेश्वर नगर परिषदों में अनुसूचित जाति पुरुष वर्ग को अध्यक्ष पद का आरक्षण मिला है।
इस घोषणा के साथ ही जिले के राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ गई है। संभावित उम्मीदवारों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं, और स्थानीय स्तर पर सियासी समीकरण बदलते दिखाई दे रहे हैं।
नागपुर जिले की 11 नगर परिषदों में विभिन्न वर्गों के लिए अध्यक्ष पद आरक्षित किए गए हैं। इसमें कामठी नगर परिषद सामान्य वर्ग (पुरुष) के लिए आरक्षित की गई है। वहीं, बूटीबोरी नगर परिषद एससी वर्ग के लिए आरक्षित की गई है। यह आरक्षण स्थानीय समुदायों और सामाजिक समूहों के बीच समान प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित करने के लिए किया गया है।
राज्य चुनाव आयोग ने 31 जनवरी तक सभी निकाय चुनाव कराने का संकल्प
सरकार की इस आरक्षण नीति का उद्देश्य सामाजिक न्याय के साथ-साथ स्थानीय प्रशासन में विविधता और समावेशिता को बढ़ावा देना है। इससे सुनिश्चित होगा कि हर वर्ग को अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों को निभाने का उचित अवसर मिले। स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर प्रशासन ने चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए विभिन्न कदम उठाए हैं। इसके तहत, आरक्षण की सही तरीके से घोषणा कर विभिन्न वर्गों को चुनावी अवसर प्रदान किया जा रहा है। नागपुर जिले में आगामी नगर परिषद चुनाव के लिए अब प्रत्येक आरक्षित क्षेत्र के उम्मीदवार अपने मतदाताओं के बीच सक्रियता से चुनाव प्रचार करेंगे। उम्मीद की जा रही है कि आगामी चुनाव निष्पक्ष और शांतिपूर्ण रूप से संपन्न होंगे। राज्य सरकार और चुनाव आयोग की ओर से यह भी कहा गया है कि आगामी चुनावों में सभी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को समान अवसर दिए जाएंगे और वे लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेकर स्थानीय प्रशासन को मजबूत बनाएंगे।








