– वरिष्ठ नेता सतेज (बंटी) पाटिल को बनाया विदर्भ विभाग समन्वयक
– नागपुर सहित छह जिलों के प्रभारियों के नाम का भी किया ऐलान
नागपुर :- कांग्रेस पार्टी ने आगामी विधान परिषद के स्नातक सीट चुनाव के लिए अपनी तैयारी शुरू कर दी है। इसी के तहत कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधायक सतेज बंटी पाटिल को नागपुर विभाग सीट का समन्वय बनाया है। इसी के साथ नागपुर सहित सभी छह जिलों के प्रभारी भी नियुक्त कर दिया है। आगामी विधान परिषद चुनाव के लिए कांग्रेस और भाजपा ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। दोनों दलों ने चुनावी तैयारियों को धार देना शुरू कर दिया है। कांग्रेस ने आगामी चुनाव को देखते हुए अपने विश्वास और वरिष्ठ नेता सतेज बंटी पाटिल को आगामी चुनाव के लिए सान्वयक नियुक्त किया है। इसी के साथ छह जिलों के प्रभारी भी नियुक्त किये गए हैं। नागपुर जिले के प्रभार पूर्व मंत्री सुनील देशमुख, माणिकराव ठाकरे को चंद्रपुर, अतुल कटोचे गोंदिया, पूर्व मंत्री वसंत पुरके को वर्धा, वजाहत मिर्जा को भंडारा और सचिन नाइक को गडचिरोली जिले का समन्वयक बनाया गया है। वर्तमान में नागपुर विभाग स्नातक सीट से कांग्रेस नेता अभिजीत वंजारी विधायक हैं। आमतौर पर इस सीट को संघ और भाजपा का गढ़ माना जाता था। पांच दशक से ज्यादा समय तक जनसंघ और भाजपा का इस सीट पर कब्ज़ा रह। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी कई बार सीट से चुनाव जीतकर विधान परिषद् पहुंचे हैं। हालांकि, पिछले चुनाव में वंजारी ने पांसा पलटते हुए कांग्रेस को जीत दिलाई और विधायक बने। नागपुर सीट भाजपा सहित कांग्रेस के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन गई है। भाजपा जहां फिर से इसे हासिल करना चाहती है, वहीं कांग्रेस अपनी सीट बचाए रखना चाहती है।
आगामी महाराष्ट्र विधान परिषद की स्नातक सीट के चुनाव को देखते हुए कांग्रेस पार्टी ने अपनी तैयारियाँ तेज़ कर दी हैं। पार्टी संगठन ने इस चुनाव को प्रतिष्ठा का सवाल मानते हुए विदर्भ विभाग में रणनीतिक जिम्मेदारियाँ बाँट दी हैं। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री सतेज (बंटी) पाटिल को विदर्भ विभाग समन्वयक नियुक्त किया गया है। पाटिल अब नागपुर सहित विभाग के छह जिलों में पार्टी के चुनावी अभियान की निगरानी करेंगे। कांग्रेस ने नागपुर, वर्धा, भंडारा, गोंदिया, चंद्रपुर और गडचिरोली जिलों के लिए अलग-अलग जिला प्रभारी भी नियुक्त किए हैं। इन प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्र में स्नातक मतदाताओं की पहचान, मतदाता सूची अद्यतन और संगठन सुदृढ़ करने की जिम्मेदारी दी गई है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, स्नातक सीट पर मतदान में शिक्षित वर्ग का वोट निर्णायक होता है, इसलिए कांग्रेस इस बार युवाओं, शिक्षकों और पेशेवरों के बीच सीधा संवाद शुरू करने की योजना बना रही है।
कांग्रेस की राज्य इकाई का मानना है कि सतेज पाटिल का संगठनात्मक अनुभव और विभिन्न जिलों में उनकी पकड़ पार्टी के लिए लाभदायक साबित होगी।
पाटिल ने कहा, “विदर्भ हमेशा से कांग्रेस की मज़बूत भूमि रही है। हम जनसंपर्क और मुद्दा-आधारित प्रचार के माध्यम से मतदाताओं तक पहुँचेंगे। शिक्षा, रोजगार और पारदर्शी शासन हमारे मुख्य एजेंडे रहेंगे। यह सीट पारंपरिक रूप से भाजपा के प्रभाव वाले क्षेत्र में आती है। कांग्रेस इस बार गठबंधन सहयोगियों के साथ मिलकर एक मज़बूत मुकाबला देने की तैयारी में है। पार्टी का उद्देश्य स्नातक मतदाताओं के बीच सशक्त वैचारिक अभियान चलाना है, ताकि युवाओं को कांग्रेस की ओर आकर्षित किया जा सके। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि कांग्रेस इस सीट पर प्रभावी रणनीति अपनाती है, तो यह आगामी विधानसभा चुनावों के लिए भी राजनीतिक संकेत साबित हो सकता है।
मतदान की तारीख जल्द तय होने की उम्मीद
राज्य निर्वाचन आयोग जल्द ही विधान परिषद की स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम घोषित करेगा। कांग्रेस ने पहले ही अपने संपर्क अभियान और डेटा संग्रह कार्य शुरू कर दिए हैं ताकि मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन से पहले किसी भी त्रुटि को सुधारा जा सके।




