गोंदिया :- जिले के अर्जुनी मोरगाँव तालुका में इन दिनों तेंदुए की बढ़ती आवाजाही ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है। पहले ही लगातार हुई बारिश से धान की फसल को भारी नुकसान झेल चुके किसान अब तेंदुए के हमलों के डर से परेशान हैं। इस क्षेत्र के लोग मुख्य रूप से कृषि, डेयरी फार्मिंग और पशुपालन पर निर्भर हैं, ऐसे में जंगली जानवरों का खतरा उनकी रोज़मर्रा की ज़िंदगी को प्रभावित कर रहा है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, बीते कुछ हफ्तों से तेंदुए को कई बार खेतों और गाँव की सीमाओं के आसपास घूमते हुए देखा गया है। कुछ जगहों पर मवेशियों पर हमले की घटनाएँ भी सामने आई हैं। इससे गाँवों में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया है। कई किसान अब शाम ढलने के बाद खेतों में जाने से बच रहे हैं।
ग्रामीणों ने वन विभाग से तेंदुए को पकड़ने और उसे पिंजरे में कैद करने की माँग की है। उनका कहना है कि वन विभाग इस गंभीर समस्या पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रहा है। कई बार शिकायत दर्ज कराने के बावजूद अभी तक क्षेत्र में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
एक किसान ने बताया, “पहले बारिश ने हमारी फसल बरबाद कर दी, अब तेंदुआ हमारे मवेशियों पर हमला कर रहा है। हमें दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। इस बीच, वन विभाग के सूत्रों ने बताया कि क्षेत्र में टीमों को गश्त पर लगाया गया है और तेंदुए की गतिविधियों पर नज़र रखी जा रही है। जल्द ही पिंजरा लगाकर उसे पकड़ने की कोशिश की जाएगी। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक तेंदुए को पकड़ा नहीं जाता, तब तक गाँवों में डर बना रहेगा। उन्होंने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की अपील की है ताकि क्षेत्र में सामान्य स्थिति बहाल हो सके।








