नागपुर :- शीतकालीन अधिवेशन के दौरान पूरी की पूरी सरकार उपराजधानी में होती है. सारे मंत्री व उनका कुनबा भी सत्र के दौरान यहां डेरा जमाए रहता है. मंत्रियों की सेवा के लिए यहां वाहनों का काफिला उपलब्ध कराया जाता है. शीत सत्र के कुछ दिन पूर्व से ही स्थानीय मंत्री ने अपने लिए 1०-11 वाहनों की मांग की. है. लेकिन डीसीएम अजित पवार ने कड़ाई से कटौती कर दी है और 6-6 वाहन ही देने के निर्देश दिये हैं. अधिकारियों की मानें तो उन्होंने यह निर्णय खर्च में कटौती करने के लिए लिया. हालांकि अधिकारियों का कहना है कि अधिवेशन के दौरान आने वाले मंत्री, विधायक, मंत्रालय के अधिकारी और कर्मचारियों के लिए वास्तव में 12०० वाहन पर्याप्त होंगे लेकिन करीब 4००० वाहनों की मांग की गई थी. पवार ने मंत्रियों के वाहनों की कटौती के निर्देश दिये.








