– मासूम को मिला नया जीवन
नागपुर :- मध्य प्रदेश की कोल्ड्रिफ नामक जहरीली कफ सीरप से देश में हड़कंप मचा हुआ है. इस जहरीली सीरप के कारण कोमा में चले गए, किडनी फेल हो चुके और मौत से जूझ रहे 5 वर्षीय बालक को डॉक्टरों ने लगातार 90 दिनों की कड़ी मेहनत से नया जीवन दिया. नागपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में मासूम का इलाज चला. कोल्ड्रिफ कफ सीरप में मौजूद घातक विष डायएथिलीन ग्लाइकोल के कारण अब तक करीब 22 निर्दोष बच्चों की जान जा चुकी है. ये सभी बच्चे छिंदवाड़ा के थे. वहीं से यह 5 वर्षीय बालक 11 सितंबर 2025 को एम्स नागपुर में भर्ती हुआ था. उस समय उसकी हालत अत्यंत गंभीर थी. बच्चा पूरी तरह कोमा में था, रक्तचाप बेहद कम था, मल्टी ऑर्गन फेलियर के कारण महत्वपूर्ण अंग काम करना बंद कर चुके थे और मस्तिष्क की प्रतिक्रियाएं भी समाप्त हो गई थीं. बाल रोग विभाग की प्रमुख डॉ. मीनाक्षी गिरीश, डॉ. अभिजीत चौधरी और डॉ. अभिषेक मधुरा की टीम ने बच्चे को बचाने के लिए दिन-रात एक कर दिया. अस्पताल में भर्ती करते हीं उसे वेंटिलेटर पर रखा गया और कुछ ही घंटों में डायलिसिस शुरु किया गया. उपचार के दौरान बच्चे को गंभीर सेप्टीसीमिया और शॉक की स्थिति भी हुई. लगातार तीन महीनों तक यह मासूम मौत से जूझता रहा, लेकिन डॉक्टरों ने हार नहीं मानी. अंततः उसकी स्थिति में सुधार आने लगा.




