नांदेड़ :- जिले में वैध दिव्यांगता प्रमाणपत्र जमा किए बिना दिव्यांग कोटे का लाभ उठाने के आरोप में एक प्रधानाध्यापक समेत 7 स्कूली शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया है. अधिकारियों के अनुसार प्राथमिक शिक्षा विभाग ने पिछले वर्ष सितंबर में फर्जी दिव्यांगता दस्तावेजों का इस्तेमाल करने वाले शिक्षकों की पहचान के लिए एक सत्यापन अभियान शुरू किया था. जांच में पाया गया कि 7 शिक्षकों के दिव्यांगता प्रमाणपत्र जिला सिविल सर्जन कार्यालय द्वारा प्रबंधित निर्गमन रजिस्टर में दर्ज ही नहीं थे. निष्कर्षों से यह भी सामने आया कि इन मामलों में दिव्यांगता का प्रतिशत 40 प्रतिशत से कम था, जिससे वे इस श्रेणी के तहत मिलने वाले लाभों के लिए पात्र नहीं थे. एक मामले में जिला परिषद के एक स्कूल के प्रधानाध्यापक को बिना कोई संबंधित प्रमाणपत्र जमा किए ही दिव्यांगता रियायतें दिए जाने का आरोप है.








