– काटेवाड़ी की सड़कों पर सिसकियों का शोर
गुरुवार की सुबह काटेवाड़ी गांव के लिए एक ऐसी सुबह लेकर आई, जिसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी। बारामती हवाई पट्टी के पास हुए विमान हादसे में अजित पवार (66) के आकस्मिक निधन के बाद आज उनके पैतृक आवास पर अंतिम दर्शन की प्रक्रिया शुरू हुई। सुबह से ही बारामती, काटेवाड़ी, और आसपास के दर्जनों गांवों से हजारों की संख्या में लोग अपने ‘दादा’ की एक झलक पाने के लिए कतारों में खड़े दिखे।
भावुक हुए समर्थक: “अजित दादा जैसा कोई दूसरा नहीं”
भीड़ में मौजूद हर शख्स की आंखों में आंसू थे। 65 वर्षीय ग्रामीण गणपत थोम्ब्रे ने रुंधे गले से बताया कि अजित पवार ने न केवल क्षेत्र का विकास किया, बल्कि व्यक्तिगत स्तर पर भी लोगों की मदद की। उन्होंने कहा, “दादा ने मेरी पोती के मेडिकल दाखिले में मदद की थी। उन्होंने सड़कों और स्कूलों का जाल बिछाकर इस क्षेत्र की सूरत बदल दी। महाराष्ट्र ने अपना एक अनमोल हीरा खो दिया है।”




