नागपुर :- विदर्भ के विकास में रेलवे की भूमिका अहम मानी जा रही है. देश के केंद्र में स्थित नागपुर आज भी बेहतर रेल सुविधाओं की प्रतीक्षा में है. क्षेत्र की प्रमुख मांगों में नागपुर में स्वतंत्र रेलवे जोन की स्थापना सबसे महत्वपूर्ण है, जिससे स्थानीय परियोजनाओं को प्राथमिकता और बजट में वृद्धि संभव हो सके.नागपुर से मुंबई, पुणे, दिल्ली, हैदराबाद, विशाखापट्टनम, संभाजीनगर और बेंगलुरु के लिए अतिरिक्त तेज और सीधी ट्रेनों की आवश्यकता बताई जा रही है. वहीं नागपुर-छत्रपति संभाजीनगर के बीच सीधी ट्रेन की लंबे समय से मांग है.
साथ ही मोतीबाग में नैरोगेज की जगह पर वंदे भारत कोच के रखरखाव की व्यवस्था बनानी चाहिए. ताकि नागपुर से ओर अधिक वंदे भारत ट्रेन शुरू हो सके. उसी तरह नागपुर – पुणे हेतु स्लीपर वंदे भारत की मांग की जा रही है. अब तक ब्रॉडगेज मेट्रो (ब्रॉडगेज वंदे भारत) भी शुरू नहीं हुई है. उसे भी तत्काल शुरू की जानी चाहिए. इसके साथ ही स्टेशनों का वल्र्ड-क्लास पुनर्विकास, स्वच्छ शौचालय, लिफ्ट, डिजिटल सूचना प्रणाली और मेट्रो-बस से बेहतर समन्वय जैसी मूलभूत सुविधाओं पर भी जोर दिया जा रहा है. नई रेल लाइनों, चौथी लाइन परियोजनाओं और माल ढुलाई टर्मिनल से किसानों व उद्योगों को लाभ मिलने की उम्मीद है. जनता को आगामी रेल बजट से विदर्भ को विकास की नई पटरी पर लाने वाले ठोस फैसलों की प्रतीक्षा है, ऐसा समाजसेवी डॉ. प्रवीण डबली ने एक विज्ञप्ति में कहा है.




