– महारेरा ने कसा शहर के 188 हाउसिंग प्रोजेक्ट्स पर शिकंजा
नागपुर :- नागपुर जिले के रियल एस्टेट सेक्टर में महारेरा (महाराष्ट्र रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण) ने सख्त रुख अख्तियार किया है। निर्धारित समय सीमा में निर्माण पूरा नहीं करने और नियमों का पालन नहीं वाले 188 आवासीय प्रोजेक्ट्स को महारेरा ने ‘एबेयंस’ यानी रोक श्रेणी में डाल कारवादी रोकाको संबधित समत परियोजनाओं के अलग-अलग बैंक खाते फ्रीज कर दिए गए हैं। महारेरा के आदेश के अनुसार, इन प्रोजेक्ट्स के प्रमोटर अब एग्रीमेंट फॉर सेल या सेल डीड नहीं कर सकेंगे। यह प्रतिबंध तब तक लागू रहेगा, जब तक बिल्डर सभी आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं, रेरा नियमों का पालन और लंबित अनुपालनों को पूरा नहीं कर लेते। बताया जा रहा है कि जिन परियोजनाओं को एबेयंस श्रेणी में रखा गया है, उनमें नागपुर के कुछ नामी और बड़े बिल्डरों के प्रोजेक्ट्स भी शामिल हैं। ऐसे में इन प्रोजेक्ट्स से जुड़े हजारों घर खरीदारों की चिंता बढ़ना स्वाभाविक है। हालांकि, महारेरा की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि यह रोक स्थायी नहीं है और आवश्यक अनुपालनों के पूरा होते ही राहत दी जा सकती है।
48 शिकायतें अब भी लंबित
महारेरा के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, नागपुर जिले में बिल्डरों के खिलाफ 48 शिकायतें फिलहाल लंबित हैं। इन शिकायतों में समय पर कब्जा न मिलना, निर्माण में देरी और रेरा से जुड़े नियमों के अनुपालन से जुड़े मुद्दे शामिल हैं। इन मामलों की जांच और सुनवाई की प्रक्रिया जारी है।
खरीदारों के हित सर्वोपरि
महारेरा अधिकारियों का कहना है कि घर खरीदारों के हितों की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रोजेक्ट्स की नियमित समीक्षा की जा रही है। जिन प्रमोटरों ने नियमों के अनुसार कार्य पूरा कर लिया है, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है, जबकि जिन परियोजनाओं में देरी हुई है वहां नियमों के तहत आगे की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।




