– पेड़ों का दम घोंट रहा विकास : नियमों की खुलेआम अनदेखी, सैकड़ों पेड़ संकट में
– अदालत के आदेश के बाद भी लापरवाही : पेड़ों को मुक्त करने का काम अधूरा
नागपुर :- शहर की अलग-अलग सड़कों पर स्थित 528 पेड़ सीमेंट-काक्रीट में जकड़े पाए गए हैं. यह जानकारी विशेष सर्वेक्षण समिति ने मंगलवार को बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ को दी समिति ने इस संबंध में अपनी रिपोर्ट न्यायालय में पेश की पेड़ों को सीमेंट-कॉफीट के घेरे से मुक्त कराने के लिए शरद पाटिल, प्राची माहूरकर, यक्ष नेटके और प्रीति पटेल जैसे जागरुक नागरिकों ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की है. इसके बाद न्यायालय ने 10 दिसंबर 2025 को एड पी.एन. गवई, एड आर दी. गहिलोत और एड पीची. घारे की विशेष समिति गठित कर रिपोर्ट मांगी थी. नियमों के अनुसार पेड़ के तने के चारों ओर चारों तरफ 1.25 मीटर जमीन खुली रखना जरूरी है. लेकिन शहर के सैकड़ों पेड़ों के तने सीमेंट-कांक्रीट विदुभित्र और पेवर ब्लॉक्स में जकड़े हुए हैं. इससे तनों के पास पानी नहीं पहुंच पाता और पेड़ सूखने लगते हैं अदालत के आदेश के बाद भनपा ने पेड़ों के तनों को खुला करने का काम शुरु किया लेकिन समिति की रिपोर्ट में सामने आया है कि यह काम सही तरीके से नहीं किया जा रहा है सोमेट कफीट में फंसे पेड़ बजाजनगर संकर नगर कॉर्पोरेशन सोसायटी, शिवाजी नगर राणा प्रताप नगर, लक्ष्मी नगर नीरी कॉलोनी अभ्यंकर नगर भारत नगर रधि नगर, सिविल लाइनर इतवारी, नंदनवन, सेंट्रल एवेन्यू, शुक्रवारी तालाब, वायुसेना नगर, फ्रेंड्स कॉलोनी जाफर नगर प्रिंगाबाई टाकली, दाना काटोल बायपास रोड, अजनी, मेडिकल चौक अयोध्या नगर रामेश्वरी, ग्रामला, सुरेंद्र स्तर सहकारनगर हिंगना रोड, नरेंद्र नगर सहित अन्य इलाकों में पाए गए.




