– गर्मी से पहले जल आपूर्ति पर फोकस : नागपुर नगर निगम और OCW को अधिक दबाव से पानी सप्लाई के निर्देश
– पानी के बिल में पांच गुना बढ़ोतरी पर सख्ती : गलत बिल सुधारने के आदेश, नहीं तो लगेगा जुर्माना
नागपुर :- गर्मी का मौसम शुरू होने वाला है, इसलिए नगर निगम के जल आपूर्ति विभाग और ओसीडब्ल्यू को शहर में अधिक दबाव के साथ पानी की आपूर्ति करनी चाहिए. शहर के विभिन्न स्थानों पर दूषित पानी की शिकायतें होने पर उनका जल्द से जल्द समाधान किया जाना चाहिए. साथ ही, जिन नागरिकों को पहले पांच गुना अधिक पानी का बिल मिला है, उनके बिलों में पांच गुना वृद्धि को ठीक किया जाना चाहिए. इसके अलावा, पानी की पाइपलाइन बिछाने के बाद यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि उसमें गुणवत्तापूर्ण पानी भरा जाए. यह निर्देश महापौर नीता ठाकरे ने अधिकारियों को दिए.
मनपा मुख्यालय स्थित डॉ. पंजाबराव देशमुख मेमोरियल स्टैंडिंग कमेटी हॉल में जल आपूर्ति विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई. इस अवसर पर सत्ताधारी दल के नेता नरेंद्र (बाल्या) बोरकर, निगम आयुक्त डॉ. अभिजीत चौधरी, अधीक्षक अभियंता डॉ. श्वेता बनर्जी, कार्यकारी अभियंता श्रीकांत वाइकर के साथ-साथ नगर निगम और ओसीडब्ल्यू के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे.
नागपुर नगर निगम के पास कुल 1०3 जल टैंक हैं, जिनमें से 4 स्मार्ट सिटी टैंक हैं. इन टैंकों से नागरिकों को पानी की आपूर्ति की जाती है. नागरिकों की सुविधा के लिए जलापूर्ति विभाग और जल परिवहन प्राधिकरण (ओसीडब्ल्यू) ने क्यूआर कोड स्कैन करके ऑनलाइन भुगतान की सुविधा उपलब्ध कराई है. इसके अलावा, पानी बिल तैयार होते ही नागरिकों के मोबाइल फोन पर ऑनलाइन बिल भुगतान की सूचना भेजी जाती है. ओसीडब्ल्यू अधिकारियों ने महापौर नीता ठाकरे को बताया कि ऑनलाइन भुगतान की दर 33 प्रतिशत से बढक़र 48 प्रतिशत हो गई है.
चूंकि ओसीडब्ल्यू नागरिकों को दूषित पानी की आपूर्ति कर रहा है, इसलिए आम जनता का गुस्सा नगर निगम पर है. अत: दूषित पानी की समस्या से संबंधित शिकायतों का समाधान 7 दिनों के भीतर जल्द से जल्द किया जाना चाहिए. इसके अलावा, जिन स्थानों पर ऐसी समस्याओं के समाधान में समय लगता है, वहां टैंकरों के माध्यम से पानी की आपूर्ति की जानी चाहिए. पानी के बिलों में पांच गुना वृद्धि को तुरंत ठीक किया जाना चाहिए. अन्यथा, नगर निगम कंपनी पर जुर्माना लगाएगा. साथ ही, जहां पानी का रिसाव होता है, वहां जांच मशीन से जांच की जानी चाहिए और समस्या का समाधान किया जाना चाहिए. इसके अलावा शहर के विभिन्न स्थानों पर अवैध घरेलू और व्यावसायिक नल कनेक्शनों का पता लगाकर उन्हें काटा जाना चाहिए और उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए. आवश्यकता पडऩे पर पुलिस की सहायता ली जानी चाहिए, ऐसे निर्देश महापौर नीता ठाकरे ने दिये. इसके अलावा महापौर ने हुडकेश्वर-नरसाला क्षेत्र में पानी के बिलों केभुगतान के लिए म्हालगीनगर में एक केंद्र शुरू करने का निर्देश दिया.
अवैध नल कनेक्शन और व्यावसायिक दुरुपयोग पर कार्रवाई के निर्देश
इसके अलावा, शहर के विभिन्न हिस्सों में अवैध व्यावसायिक भूखंड धारकों द्वारा पानी का उपयोग बढ़ गया है और कई स्थानों पर गोदामों और धुलाई केंद्रों की संख्या में भी वृद्धि हुई है. हालांकि, इसे व्यावसायिक उपयोग बताकर घरेलू उपयोग के रूप में दिखाया जा रहा है. महापौर नीता ठाकरे ने ऐसे स्थानों पर अवैध रूप से पानी का उपयोग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया.




