गोंदिया :- पूर्व विदर्भ में गोंदिया, चंद्रपुर, गडचिरोली, भंडारा एवं नागपुर जिलों को धान उत्पादक जिले के रूप में पहचाना जाता है। विशेष रूप से गोंदिया को राइस सिटी के रूप में जाना जाता है। लेकिन पश्चिम एशिया में पिछले 18 दिनों से चल रहे युद्ध का गंभीर असर अब गोंदिया जिले के राइस मिल उद्योग पर दिखाई देने लगा है। खाड़ी देशों के युद्ध के कारण चावल का निर्यात ठप पड़ गया है, जिससे जिले की राइस मिलों में भारी मात्रा में चावल का स्टॉक जमा हो गया है। जानकारी के अनुसार, गोंदिया जिले से प्रतिवर्ष खाड़ी देशों को लगभग 4 लाख मैट्रिक टन चावल का निर्यात किया जाता है। जिसकी कीमत लगभग 1200 करोड़ रुपए है। गोंदिया जिला राइस मिलर्स एसोसिएशन के सचिव महेश अग्रवाल ने बताया कि गोंदिया, भंडारा, चंद्रपुर, गडचिरोली, नागपुर आदि जिलों में कुल मिलाकर 850 राइस मिलें है। इनमें से गोंदिया जिले में ही लगभग 300 राइस मिलें है। उन्होंने बताया कि, गोंदिया जिले से प्रतिवर्ष साऊथ ईस्ट अफ्रीका एवं खाड़ी देशों को लगभग 4 लाख मैट्रिक टन चावल का निर्यात किया जाता है। इस व्यवसाय पर संकट मंडरा रहा है।








