– पंचायत प्रशासन की लापरवाही
सड़क-अर्जुनी :- एक ओर जिले में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया है और नागरिक गर्मी से परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर सौंदड ग्राम पंचायत प्रशासन की लापरवाही से गांव के दो आरओ प्लांट बंद पड़े हैं। आंबेडकर वार्ड और हिरबाजी स्टेडियम क्षेत्र के आरओ प्लांट कई दिनों से बंद होने से नागरिकों को ठंडे पीने के पानी से वंचित रहना पड़ रहा है। गर्मियों के दिनों में नागरिकों को शुद्ध और ठंडा पीने का पानी उपलब्ध कराने के लिए शासन की निधि से लाखों रुपये खर्च कर गांव में दो जगह आरओ प्लांट लगाए गए थे। लेकिन फिलहाल ये दोनों सिस्टम बंद पड़े होने से नागरिकों में भारी नाराजगी है। तेज गर्मी में जब गला सूख रहा है, तब ठंडे पानी की सुविधा बंद होने से ग्राम पंचायत की योजना पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय नागरिकों के अनुसार, आरओ प्लांट की देखरेख पर पूरी तरह से लापरवाही बरती गई है और मरम्मत के लिए कोई ठोस कार्रवाई होती नहीं दिख रही। लाखों रुपए खर्च कर बनाए गए ये प्रोजेक्ट अब सिर्फ शोपीस बनकर रह गए है। बढ़ती गर्मी से नागरिकों के स्वास्थ्य पर असर पड़ने की संभावना है, फिर भी ग्राम पंचायत प्रशासन के निष्क्रिय होने का आरोप है, ऐसा आरोप भी गांव वालों ने लगाया है। तेज गर्मी में नागरिकों को ठंडा पानी मिलना एक प्राथमिक आवश्यकता होती है, तो सुविधा को बंद रखना नागरिकों की जान के साथ खिलवाड़ करने के रूप में गुस्से में प्रतिक्रिया दी जा रही है। गांववालों ने बताया कि दोनों आरओ प्लांट पिछले चार महीनों से बंद हैं। ग्राम पंचायत प्रशासन को इस बारे में कई बार सूचित किया गया है, लेकिन नागरिकों ने आरोप लगाया है कि ‘आज करेंगे, कल करेंगे’ जैसी बातें करके समय बर्बाद किया जा रहा है। गांववालों ने मांग की है कि दोनों आरओ प्लांट तुरंत शुरू किए जाएं और नियमित रूप से उनका रखरखाव किया जाए। इस बीच, जब वैभव घाटोलकर से फोन पर संपर्क किया गया, तो उन्होंने बताया कि वर्ष 2024-25 के दौरान 15वें वित्त आयोग के तहत सौंदड़ में दो आरओ प्लांट लगाए गए हैं। वाटर एटीएम और आरओ हाउस के लिए लगभग 2 लाख 99 हजार 900 रुपए खर्च किए गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि बंद आरओ प्लांटों की मरम्मत के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।
बयवाड़ा में पेयजल की व्यवस्था की मांग
तिरोड़ा 21 मई को पंचायत समिति तिरोडा में डॉ. संघमित्रा कोल्हे, संवर्ग विकास अधिकारी, प.स. तिरोडा को निवेदन दिया गया। गांव में जल जीवन मिशन की पानी की टंकी तैयार हो चुकी है और घर-घर नल भी लग गए हैं, लेकिन नल में दो साल से पानी नहीं आ रहा है। गांव की कुएं तक पैदल जाना पड़ता है, सूख जाने से पानी के लिए दूर इसलिए नल में पानी चालू किया जाए। गांव में श्मशान भूमि नहीं होने से श्मशान भूमि का निर्माण किया जाए। गांव में तालाब का निर्माण करने की मांग का निवेदन किशोरकुमार मलेवार ने दिया। निवेदन में उर्मिला बेलपांडे, पूर्व सरपंच, चैतराम मलेवार, पूर्व उपसरपंच गणेश मलेवार, सुखराम कावले, बबन भिवगडे, कल्पना मलेवार, ललिता येड़णे, शशिकला मरघडे, खेमराज शेंदरे, लीला मलेवार, देवा फूलबंधि, दयानंद मलेवार, गजानन मलेवार, राम मलेवार ने मांग की है।