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फुटाला तालाब पर फाउंटेन परियोजना के असफल

– अब गांधीसागर के लिए योजना? बन सकता हैं नया प्रोजेक्ट

नागपुर :- फुटाला तालाब पर फाउंटेन परियोजना के असफल होने के बावजूद, नागपुर मनपा गांधीसागर तालाब पर इसे दोहराने का प्रयास कर रहा है. मनपा के अधिकारी दावा कर रहे हैं कि उन्होंने सुधारात्मक उपाय किए हैं, लेकिन कोई भी उन कदमों का सटीक विवरण नहीं दे पा रहा.

म्युजिकल फाउंटेन उस जगह पर बनाने की योजना है जहां कभी मनपा ने खाऊगली योजना शुरू की थी. खाऊगली का उद्घाटन 9 जनवरी, 2०2० को बड़े धूमधाम से हुआ था, लेकिन यह परियोजना असफल साबित हुई. अब उसी जगह पर म्युजिकल फाउंटेन बनाया जा रहा है. गांधीसागर में सौंदर्यीकरण परियोजना पहले से ही धीमी गति से चल रही है. जिस जगह पर युजिकल फाउंटेन बनाने की योजना है, वहां से खाऊगली की ध्वस्त संरचना के खुलेआम पड़े होने के कारण उसका माहौल अच्छा नहीं दिखता. प्रशासन ने खाऊगली परियोजना के बारे में कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया है और अब इस पुराने तालाब में म्युजिकल फाउंटेन बनाने की कोशिश चल रही है.

जब भी इस तरह की परियोजनाओं की योजना बनाई जाती है, तो कोई भी लोगों के सुझाव लेने की जहमत नहीं उठाता. कोई यह नहीं सोचता कि लोग वास्तव में ऐसी परियोजनाएं चाहते हैं या नहीं.

लोगों की इस इच्छा पर कोई ध्यान नहीं देता कि उन्हें स्वच्छ और साफ-सुथरी झीलें चाहिए, जिन्हें प्राकृतिक जलस्रोत के रूप में देखा जा सकता है. बड़े प्रचार-प्रसार के साथ फुटाला तालाब पर म्युजिकल फाउंटेन लगाया गया, जिस पर अधिकारियों ने काफी पैसा खर्च किया. सूत्रों के अनुसार, नीरी ने इस परियोजना पर आपत्ति जताई थी.

इन नियमों की अवहेलना करते हुए प्रशासन ने आगे बढक़र म्यूजिकल फाउंटेन, जी+6 पार्किंग और अन्य सुविधाओं का निर्माण किया. यह शो कुछ समय तक चला, लेकिन जनता ने अदालत का रुख किया और प्रशासन ने इसे स्थगित कर दिया. अदालत का फैसला प्रशासन के पक्ष में आए सात महीने हो चुके हैं, लेकिन प्रशासन ने कोई कदम नहीं उठाया है. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने स्वयं स्वीकार किया था कि इस परियोजना में 15 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है. यह परियोजना एक घोर विफलता साबित हुई और अधिकारियों के लिए यह एक अ’छा सबक था.

चरण-2 सौंदर्य और मनोरंजन संबंधी सुधार

मनपा अब चरण-2 पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, जिसका उद्देश्य झील को एक प्रमुख मनोरंजन केंद्र में बदलना है. इसके लिए दिसंबर 2०25 में 4.54 करोड़ रुपये की लागत से संगीतमय फव्वारे का कार्य आदेश जारी किया गया था. फव्वारे के साथ-साथ 6.63 करोड़ रुपये की लागत से एक व्यूइंग गैलरी का प्रस्ताव भी अंतिम मंजूरी की प्रतीक्षा में है. भविष्य की योजनाओं में लोकप्रिय खाऊ गली के पास एक पैदल मार्ग, बाल भवन परिसर में एक सामाजिक हॉल, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का निर्माण और नागरिक चौक का सौंदर्यीकरण शामिल हैं.

एक बड़ा सवाल अनुत्तरित रह गया है कि मनपा को अपने पहले चरण को पूरा करने में ही लगभग चार साल लग गए. कायाकल्प परियोजना के दूसरे चरण को पूरा करने में और कितने साल लगेंगे?

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