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स्कूल बसों के लिए आरटीओ के नियम

– अब पैनिक बटन की सुविधा होगी अनिवार्य

नागपुर :- क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण (आरटीओ) ने स्कूली छात्रों के सुरक्षित परिवहन के लिए सख्त नियम जारी किए हैं. प्रत्येक स्कूल बस में सीसीटीवी कैमरे, जीपीएस सिस्टम और आपात स्थिति के लिए ‘पैनिक बटन’ की सुविधा अनिवार्य कर दी गई है. साथ ही, छह वर्ष से कम आयु के ब’चों को ले जाने वाली बसों और लड़कियों को स्कूल ले जाने वाले वाहनों में महिला कर्मचारियों की नियुक्ति अनिवार्य है.

नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूल बस और वाहन मालिकों के खिलाफ सीधे कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया है, जिसके तहत उनके लाइसेंस निलंबित किए जाएंगे. यह निर्णय 1 जून, 2०26 से लागू होगा. नियम के उल्लंघन की स्थिति में, पहले उल्लंघन पर 3० दिनों के लिए लाइसेंस निलंबन, दूसरे उल्लंघन पर 6० दिनों के लिए लाइसेंस निलंबन और तीसरे उल्लंघन पर सीधे लाइसेंस रद्द करने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाएगा. विशेष रूप से, यदि चारों शर्तें (ए,बी,सी,डी) एक साथ उल्लंघन की जाती हैं, तो पहले उल्लंघन पर 12० दिनों का परमिट निलंबन लगाया जाएगा. प्राधिकरण ने मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 66, 74 और 86 के तहत इन अधिकारों का प्रयोग किया है.

स्कूल बसों में दुव्र्यवहार की घटनाओं के मद्देनजर, क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण समिति ने सख्त फैसले लिए हैं. स्कूल बस चालकों को सभी सुविधाओं को अद्यतन करना होगा. अन्यथा, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

स्कूल बस सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंता

लापरवाही, अधिक भार, सुरक्षा नियमों का उल्लंघन और चालक की लापरवाही के कारण स्कूल बसों में कई दुर्घटनाएं घटित हुई हैं.अभिभावकों की शिकायतों और बढ़ती दुर्घटनाओं के कारण परिवहन विभाग ने इन सख्त नियमों को लागू करने का निर्णय लिया है.

नए नियम लागू होने के बाद, सभी स्कूलों और बस संचालकों को सिद्धांत रूप में इन सुरक्षा उपायों को लागू करना होगा. नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. इसका मुख्य उद्देश्य स्कूल बसों में विद्यार्थियों की सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है. सरकार को विश्वास है कि इन उपायों से सभी स्कूली ब’चों की यात्रा सुरक्षित होगी.


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