– बीजेपी में वफादारों की अनदेखी कर उद्योगपतियों को अवसर?
नागपुर :- विधानपरिषद चुनाव में बीजेपी के उम्मीदवारी आवंटन और ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजय वडेट्टीवार ने महायुति सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी अमीर उद्योगपतियों और पाला बदलने वाले नेताओं को अपनाकर अपने वफादार पार्टी कार्यकर्ताओं के भरोसे के साथ विश्वासघात कर रही है.
उन्होंने कहा, बीजेपी के लिए, स्थानीय कार्यकर्ता—जिन्होंने वर्षों तक जमीनी स्तर पर कड़ी मेहनत की है और पार्टी के लिए छोटे-मोटे काम किए हैं, अब कोई मायने नहीं रखते. अब ऐसा लगता है कि उन्हें अपने कार्यकर्ताओं की तुलना में अमीर उद्योगपतियों से ज़्यादा अपनापन महसूस होता है. नतीजतन, उन वफादारों के साथ घोर अन्याय हो रहा है जिन्होंने पार्टी के लिए अपना खून-पसीना बहाया है, जिससे उनके बीच गहरा रोष पनप रहा है.
वडेट्टीवार ने घोषणा की कि कांग्रेस पार्टी पूरी ताकत के साथ विधान परिषद चुनावों में उतर चुकी है, और पार्टी के सभी उम्मीदवारों के नाम तय कर लिए गए हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि चंद्रपुर निर्वाचन क्षेत्र के लिए, कांग्रेस ने किसान प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय सचिव और विभिन्न राज्यों के पूर्व प्रभारी शैलेंद्र अग्रवाल को मैदान में उतारा है और उन्हें एक बेहद मजबूत उम्मीदवार बताया है. उन्होंने सत्ताधारी बीजेपी पर भी तंज कसते हुए कहा कि बेहतर संख्या बल और राजनीतिक ताकत होने के बावजूद, आखिरी क्षण तक अपने उम्मीदवारों की घोषणा न कर पाना, उनकी हार के अंतर्निहित डर को साफ तौर पर जाहिर करता है.
ओबीसी आरक्षण के लिए संवैधानिक संशोधन लागू करें
ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर बोलते हुए, वडेट्टीवार ने सीधे प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री और राज्य के मुख्यमंत्री, दोनों ही दावा करते हैं कि उनका अपना ‘डीएनए’ ओबीसी है, फिर भी, वास्तविकता में, ओबीसी समुदाय को लगातार अन्याय का सामना करना पड़ रहा है. यदि 5० प्रतिशत की सीमा का बहाना बनाकर ओबीसी के आरक्षण में कटौती करने के प्रयास किए जा रहे हैं, तो यह निर्णायक रूप से साबित करता है कि यह सरकार मूल रूप से ओबीसी विरोधी है. वडेट्टीवार ने आश्वासन दिया कि ओबीसी समुदाय के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए एक संवैधानिक संशोधन की तत्काल आवश्यकता है, और इस बात की पुष्टि की कि कांग्रेस पार्टी संसद या राज्य विधानसभा में पेश किए जाने वाले ऐसे किसी भी संशोधन को अपना पूरा समर्थन देगी. वडेट्टीवार ने आगे कहा कि, जो कभी ‘कांग्रेस-मुक्त’ नारे की पैरोकार थी—अब ‘कांग्रेसमय’ हो गई है.
वडेट्टीवार ने बीजेपी पर तंज कसते हुए उन मौकों का जिक्र किया जो पार्टी ने पाला बदलने वाले नेताओं यानी उन लोगों को दिए हैं जो कांग्रेस और दूसरी पार्टियों को छोडक़र आए थे और जिन्हें अब विधान परिषद के लिए उम्मीदवार बनाया गया है.








