– महाराष्ट्र राष्ट्रभाषा भवन में ‘चाय पर चर्चा’: प्रसिद्ध कवयित्री डॉ. कीर्ति काले ने साझा किए विचार
नागपुर :- हिंदी पत्रकार संघ और पब्लिक रिलेशंस सोसाइटी ऑफ इंडिया (पीआरएसआई), नागपुर चैप्टर के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को महाराष्ट्र राष्ट्रभाषा भवन में ‘चाय पर चर्चा’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस सत्र में सुप्रसिद्ध कवयित्री डॉ. कीर्ति काले मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थीं।
कार्यक्रम के प्रारंभ में हिंदी पत्रकार संघ के अध्यक्ष आनंद निर्बाण ने डॉ. कीर्ति काले का शॉल, स्मृति चिह्न और पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। कार्यक्रम की रूपरेखा व प्रस्तावना सचिव मनीष सोनी ने प्रस्तुत की।

संवाद सत्र के दौरान डॉ. कीर्ति काले ने सोशल मीडिया (समाज माध्यम) के सकारात्मक व नकारात्मक प्रभावों पर खुलकर विचार रखे। उन्होंने कहा कि आज सोशल मीडिया का युवा पीढ़ी पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। जंतर-मंतर पर हालिया आंदोलनों का संदर्भ देते हुए उन्होंने कहा कि ‘जेन-जी’ (Gen-Z) पीढ़ी ने मर्यादाओं की सीमाओं को लांघ दिया है। इसलिए इस माध्यम का समझदारी से उपयोग करना चाहिए. उन्होंने युवा पीढ़ी को पुनः साहित्य और काव्य से जोड़ने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि इसकी शुरुआत प्रत्येक व्यक्ति को अपने घर से करनी चाहिए। यह छोटा सा प्रयास आगे चलकर समाज में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव ला सकता है। डॉ कीर्ति काले ने उपस्थित साहित्यकारों के साथ विविध विषयों पर चर्चा की.
कार्यक्रम संयोजन मनोज जोशी ने किया। आभार प्रदर्शन पीआरएसआई के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष (पश्चिम) एस. पी. सिंह ने किया।
इस संवाद सत्र में यशवंत मोहिते, मधुसूदन देशमुख, प्रसन्न श्रीवास्तव, अनिल मालोकर, महेश तिवारी, अतुल त्रिवेदी, पी. नरेंद्र कुमार, संतोष बादल, राकेश चौरसिया, डॉ. आभा सिंह, इंदिरा किसलय, माधुरी राउलकर, रंजना श्रीवास्तव, आरती सिंह, नंदिता सोनी, स्वाति मोहिते, अभिनय शर्मा, राजेश शर्मा, अभय देशमुख सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई व अपने विचार साझा किए।







