नागपुर :- एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसमें एक कपड़ा व्यापारी को ऑनलाइन निवेश पर 98 लाख का रिटर्न देने का लालच देकर 54.81 लाख की वित्तीय धोखाधड़ी का शिकार बनाया गया. इस मामले में शिकायतकर्ता की रिपोर्ट के आधार पर, साइबर पुलिस स्टेशन में आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है.
आरोपियों में अमायरा खंडेलवाल (हैदराबाद निवासी), बलबीर सिंह, महेंद्र खंडेलवाल, साथ ही ‘सेंटर कैपिटल ट्रेडर्स‘ नामक एक वाट्य एप ग्रृप के एडमिन और इस योजना से जुड़े विभिन्न लिंक धारक शामिल हैं. यह धोखाधड़ी 2० जुलाई, 2०25 से 24 अप्रैल, 2०26 और 1 जून से 2 जून, 2०26 के बीच हुई.
अक्सर कहा जाता है कि इंसान दूसरों की गलतियों से सीखता है. हालांकि, सरकार और पुलिस प्रशासन द्वारा लगातार चलाए जा रहे जन जागरूकता अभियानों के बावजूद, लोग अभी भी साइबर अपराधियों का शिकार बन रहे हैं.
शिकायतकर्ता नरेश जेठानी (37), जो जरीपटका के निवासी हैं, गांधी बाग स्थित नंगा पुतला चौक पर ‘अमृत कलेक्शन’ नाम से कपड़ों की एक दुकान चलाते हैं. वर्ष 2०25 में, आरोपियों ने वॉट्स एप के माध्यम से शिकायतकर्ता को एक संदेश भेजा. उन्होंने एक आकर्षक लालच देते हुए वादा किया कि यदि वह पैसे निवेश करते हैं, तो उन्हें भारी रिटर्न मिलेगा. इसके बाद, शिकायतकर्ता और आरोपियों के बीच बातचीत शुरू हो गई. आरोपियों पर भरोसा करते हुए, शिकायतकर्ता ने शुरुआत में एक छोटी राशि का निवेश किया. उसे इस निवेश पर तुरंत रिटर्न भी मिल गया. इस तरह, आरोपियों ने उसे सफलतापूर्वक अपने जाल में फंसा लिया. जब उसका भरोसा जम गया, तो शिकायतकर्ता ने लाखों की राशि निवेश करना शुरू कर दिया. चूंकि उसे अपना रिटर्न बढ़ता हुआ साफ दिखाई दे रहा था, इसलिए उसने अपने निवेश की राशि लगातार बढ़ानी जारी रखी. लगातार निवेश की इस प्रक्रिया के माध्यम से, उसका कुल जमा रिटर्न 95.85 लाख तक पहुंचता हुआ दिखाई दिया. अब शिकायतकर्ता उस लाभ की राशि को निकालना चाहता था.
हालांकि, चूंकि पैसे निकालने (विड्रॉल) का कोई विकल्प उपलब्ध नहीं था, इसलिए शिकायतकर्ता ने ऐसा करने की अनुमति मांगी. लेकिन, यह दावा करते हुए कि पैसे निकालने के लिए उन्हें पहले 54,21 हजार जो सरकारी दरों के अनुसार हिसाब लगाकर तय किए गए थ वे चुकाने होंगे, उन्होंने उनसे यह रकम ऐंठ ली.
उन्होंने शिकायतकर्ता से 6० हजार और भी लिए और उसे भी निवेश कर दिया. इस तरह शिकायतकर्ता से कुल 54,81 लाख रू. जमा करने के बाद, उन्होंने लिंक को बंद कर दिया और अपने मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ कर लिए. जब शिकायतकर्ता को एहसास हुआ कि उसके साथ धोखाधड़ी हुई है, तो उसने तुरंत साइबर पुलिस स्टेशन से संपर्क किया और उन्हें पूरी घटना बताई.
उनकी शिकायत के आधार पर, पुलिस ने ऊपर बताए गए छह आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और अब तकनीकी साधनों का इस्तेमाल करके उनकी तलाश कर रही है.



