spot_imgspot_img

Top 5 This Week

spot_img

नागपुर यूनिवर्सिटी में परीक्षा कार्य संभाल रही कोएम्प्ट की कार्यप्रणाली कठघरे में

नागपुर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) प्रणाली को लेकर उठे विवाद के बीच अब नागपुर विश्वविद्यालय में परीक्षा संबंधी कार्यों का ठेका प्राप्त करने वाली कोएम्प्ट एज्युटेक प्राइवेट लिमिटेड की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में आ गई है। आरोप है कि सीबीएसई के ओएसएम प्रकरण में कंपनी को लाभ पहुंचाने के लिए तकनीकी और पात्रता संबंधी मानकों में कथित रूप से ढील दी गई थी। इसी संदर्भ में नागपुर विश्वविद्यालय में दिए गए लगभग पांच करोड़ रुपये के ठेके की प्रक्रिया भी चर्चा में आ गई है। वहीं कंपनी की गलतियों और तकनीकी खामियों के कारण लाखों विद्यार्थियों को परीक्षा, परिणाम और मूल्यांकन से जुड़ी विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

निष्पक्ष जांच की मांग : इस मामले को लेकर छात्र संगठन एनएसयूआई ने विश्वविद्यालय की टेंडर प्रक्रिया की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं, विश्वविद्यालय द्वारा ‘कोएम्प्ट’ कंपनी के अनुभव और प्रस्तुत दस्तावेजों की जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय समिति तेलंगाना तकनीकी शिक्षा बोर्ड को पत्र लिखकर संबंधित जानकारी और दस्तावेज प्राप्त करेगी।

कोएम्प्ट भगाओ के नारे : परीक्षा विभाग की अव्यवस्था एवं विद्यार्थियों की समस्याओं को लेकर मंगलवार को एनएसयूआई ने नागपुर विश्वविद्यालय में प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने प्रतीकात्मक रूप से टेंडर की प्रति जलाकर विरोध जताया और ‘कोएम्प्ट भगाओ, विश्वविद्यालय बचाओ’ के नारे लगाए। बाद में एनएसयुआईं के अजित सिंग, वैष्णवी भरद्वाज, प्रणय सिंह ठाकुर सहित प्रतिनिधिमंडल ने प्र-कुलगुरु डॉ. अखिलेश पेशवे और परीक्षा संचालक मोतीराम तड़स को ज्ञापन सौंपकर टेंडर प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच तथा अनियमितता पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

परिणामों में देरी पर उठे थे सवाल

नागपुर विश्वविद्यालय की शीतकालीन 2025 परीक्षा के परिणामों में देरी और मार्कशीट में त्रुटियों को लेकर एनएसयूआई और सीनेट सदस्यों ने गंभीर आपत्ति जताई थी। इसके बाद कुलगुरु डॉ. मनाली क्षीरसागर ने प्रभारी परीक्षा एवं मूल्यांकन संचालक मनीष झोडापे को पद से हटाकर मोतीराम तड़स को जिम्मेदारी सौंपी। साथ ही, परीक्षा परिणामों में देरी के लिए कोएम्प्ट कंपनी की भूमिका की जांच हेतु एड. मनमोहन बाजपेयी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई, जो कंपनी के अनुभव और दस्तावेजों की जांच करेगी।

जांच समिति के अध्यक्ष एड. मनमोहन बाजपेयी ने बताया कि कोएम्प्ट एज्युटेक प्राइवेट लिमिटेड ने अपने अनुभव संबंधी दस्तावेजों में तेलंगाना तकनीकी शिक्षा बोर्ड, विश्वविद्यालय और ओडिशा में किए गए कार्यों का उल्लेख किया है। कंपनी के कामकाज और उसके पिछले रिकॉर्ड की जानकारी लेने के लिए जांच समिति 5 जून तक तेलंगाना तकनीकी शिक्षा बोर्ड को पत्र भेजेगी। आवश्यकता पड़ने पर समिति स्वयं भी संबंधित संस्थान का दौरा कर जांच करने के लिए तैयार है।


Click above on our news logo to access the Daily E_Newspaper.
For articles or advertisements, contact us at: dineshdamahe86@gmail.com.

Copyright Disclaimer: If Any Image, video or article belongs to its respective owner/creator. Full credit goes to the original creator. No copyright infringement intended.