भंडारा :- तालाबों के जिले के रूप में पहचान रखने वाला भंडारा इस वर्ष भीषण गर्मी और जलसंकट से जूझ रहा है। जिले के गांवों में स्थित छोटे-बड़े तालाब लगातार सूख रहे हैं, जबकि कई जलाशय पूरी तरह जलविहीन हो चुके हैं। इसका सीधा असर भूजल स्तर, खेती और मत्स्य व्यवसाय पर पड़ रहा है। भंडारा जिले में वर्षा ऋतु के दौरान तालाबों में बड़ी मात्रा में पानी जमा होता है, जो पूरे वर्ष किसानों की सिंचाई और पशुओं के पेयजल की जरूरतों को पूरा करता है। तालाबों से होने वाला जल रिसाव भूजल स्तर बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जिससे गांवों के कुएं और बोरवेल पानी से भरे रहते हैं। इस वर्ष जिले में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिसके कारण तालाबों का पानी तेजी से वाष्पित हो गया। नतीजतन अधिकांश तालाबों का जलस्तर काफी नीचे चला गया है और कई तालाब पूरी तरह सूख गए हैं। जलाशयों के सूखने से भूजल स्तर में भी लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे कई गांवों में पेयजल संकट गहराने लगा है।








