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पहली ही बारिश में बह गई विकास की पोल

– बेसा की सड़कें बनीं दलदल, स्कूली बच्चों और रहवासियों की बढ़ी परेशानी

बेसा :- शुक्रवार की शाम हुई झमाझम बारिश ने सड़कों पोल खोल दी। पिरामिड सिटी-4, श्री साईं नगरी और आस-पास के अपार्टमेंट क्षेत्रों की सड़कें कीचड़मय हो गईं। अधिकांश वाहन चालक और राहगीर कीचड़ पर फिसलकर गिर पड़े। क्षेत्र में कई स्कूल और ट्यूशन क्लासेस संचालित होने के कारण बच्चों को छोड़ने और लेने आने वाले अभिभावकों की गाड़ियां कीचड़ में फंसी रहीं। स्थानीय नागरिकों ने बेसा नगर पंचायत प्रशासन और लोकनिर्माण विभाग के प्रति नाराजगी जताई है। आरोप है कि, सड़क निर्माण कार्यों की धीमी गति के कारण लोगों को कीचड़ भरे रास्तों से गुजरने के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द सड़क निर्माण कार्य पूरा कर क्षेत्रवासियों को राहत देने की मांग की है।

मानसून की पहली जोरदार बारिश ने बेसा क्षेत्र में विकास कार्यों और सड़क निर्माण की वास्तविक स्थिति उजागर कर दी। शुक्रवार शाम हुई झमाझम बारिश के बाद पिरामिड सिटी-4, श्री साईं नगरी तथा आसपास के कई आवासीय इलाकों की सड़कें कीचड़ और जलभराव से भर गईं। सड़कें इतनी खराब हो गईं कि दोपहिया वाहन चालक, पैदल राहगीर और स्कूली बच्चों के अभिभावकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

स्थानीय नागरिकों के अनुसार, बारिश शुरू होते ही कई सड़कों पर कीचड़ की मोटी परत जम गई, जिससे आवागमन लगभग ठप हो गया। सबसे अधिक दिक्कत दोपहिया वाहन चालकों को हुई। फिसलन भरी सड़कों पर कई लोग संतुलन खोकर गिर पड़े। शाम के समय स्कूल और ट्यूशन क्लासेस की छुट्टी होने के कारण क्षेत्र में यातायात का दबाव बढ़ गया, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई।

पिरामिड सिटी-4 और श्री साईं नगरी के आसपास कई स्कूल, कोचिंग सेंटर और ट्यूशन क्लासेस संचालित हैं। बारिश के बाद अभिभावकों को बच्चों को लेने और छोड़ने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। कई चारपहिया और दोपहिया वाहन कीचड़ में फंस गए, जिसके कारण लंबा जाम लग गया। अभिभावकों ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई और प्रशासन से तत्काल सड़क सुधार की मांग की।

रहवासियों में नाराजगी

स्थानीय रहवासियों का कहना है कि हर वर्ष बारिश के दौरान यही स्थिति बनती है, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता। नागरिकों का आरोप है कि क्षेत्र में कई स्थानों पर सड़क निर्माण अधूरा है, जबकि कुछ सड़कों की गुणवत्ता इतनी खराब है कि पहली ही बारिश में उनकी परत उखड़ गई। एक निवासी ने कहा, “विकास के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन पहली बारिश ने सारी हकीकत सामने ला दी। बच्चों, बुजुर्गों और रोजाना आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।

जलनिकासी व्यवस्था पर उठे सवाल

बारिश के बाद कई जगहों पर पानी जमा होने से जलनिकासी व्यवस्था की भी पोल खुल गई। नालियों की सफाई और पानी निकासी के उचित प्रबंध नहीं होने के कारण सड़कें घंटों तक जलमग्न रहीं। इससे वाहन चालकों को रास्ता पहचानने में भी दिक्कत हुई और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया।

प्रशासन से कार्रवाई की मांग

क्षेत्र के नागरिकों ने नगर निगम और संबंधित विभागों से खराब सड़कों की तत्काल मरम्मत, जलनिकासी व्यवस्था सुधारने तथा बारिश के मौसम में विशेष निगरानी रखने की मांग की है। रहवासियों का कहना है कि यदि समय रहते सुधार कार्य नहीं किए गए तो आगामी दिनों में होने वाली भारी बारिश के दौरान स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।

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