सावनेर :- महाराष्ट्र राज्य मार्ग परिवहन महामंडल (एस.टी.) की बसों में प्रतिदिन हजारों यात्री सफर करते हैं और निगम को इससे बड़े पैमाने पर राजस्व प्राप्त होता है। जहां अधिकांश कर्मचारी यात्रियों के साथ सौजन्यपूर्ण व्यवहार करते हुए अपनी जिम्मेदारियां निभाते हैं, वहीं कुछ कर्मचारियों के व्यवहार को लेकर समय-समय पर शिकायतें भी सामने आती रहती हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 16 जून 2026 की रात लगभग 9:30 बजे नागपुर से सावनेर आने वाली अंतिम एस.टी. बस ‘राजमाता जिजाऊ’ (बस क्रमांक एमएच-14-एनई-2752) में एक बुजुर्ग महिला यात्री सफर कर रही थीं। महिला की तबीयत ठीक नहीं थी तथा बस के प्रस्थान में हो रही देरी को लेकर उन्होंने बस के कंडक्टर से जानकारी मांगी।
आरोप है कि पूछताछ के दौरान कंडक्टर ने महिला यात्री के साथ अभद्र व्यवहार किया और ऊंची आवाज में बात करते हुए अशोभनीय तथा अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया। महिला का आरोप है कि कंडक्टर ने उनसे एकवचन में बात करते हुए कहा, “तुझसे जो बनता है कर ले, नौकरी गई तो जाए, मुझे नौकरी की जरूरत नहीं है।” बताया जाता है कि इस दौरान बस में कुछ समय तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही और महिला स्वयं को अपमानित महसूस करती रहीं।
यात्रियों का कहना है कि राज्य सरकार द्वारा महिला सुरक्षा, सम्मानजनक सेवा और नागरिक सुविधाओं को लेकर विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं, ऐसे में सार्वजनिक परिवहन सेवा में कार्यरत कर्मचारियों से भी शालीन और जिम्मेदार व्यवहार की अपेक्षा की जाती है।
कार्रवाई की मांग
घटना से आहत बुजुर्ग महिला ने महाराष्ट्र राज्य मार्ग परिवहन महामंडल के विभागीय यातायात अधिकारी (नागपुर), उपविभागीय अधिकारी (सावनेर), आगार प्रमुख (सावनेर) तथा अखिल भारतीय ग्राहक कल्याण परिषद (सावनेर) को लिखित शिकायत सौंपकर संबंधित कंडक्टर के विरुद्ध उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है।अब इस शिकायत पर संबंधित अधिकारियों द्वारा क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर यात्रियों और स्थानीय नागरिकों की नजरबनी हुई है।
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