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मेरी निष्ठा सिर्फ संविधान से…’

– नागपुर के नए कमिश्नर विश्वास नांगरे पाटिल का करारा जवाब

नागपुर :- नागपुर के नवनियुक्त पुलिस आयुक्त और वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी विश्वास नांगरे पाटिल ने पदभार संभालने के बाद अपनी पहली ही पत्रकार परिषद में विरोधियों को कड़ा जवाब दिया है। पिछले कुछ दिनों से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एक कार्यक्रम में शामिल होने को लेकर उनके खिलाफ राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ था। इस पूरे विवाद पर पहली बार अपनी चुप्पी तोड़ते हुए नांगरे पाटिल ने स्पष्ट किया कि उनकी कटिबद्धता केवल और केवल भारतीय संविधान से है और उस कार्यक्रम में उपस्थित रहकर उन्होंने किसी भी ‘सेवा नियम’ (कंडक्ट रूल्स) का उल्लंघन नहीं किया है।

इस स्पष्टीकरण से पहले मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने इस मामले को लेकर शिंदे-फडणवीस सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखे सवाल दागे थे। कांग्रेस नेताओं ने ‘ऑल इंडिया सर्विसेज कंडक्ट रूल्स’ का हवाला देते हुए पूछा था कि संविधान की शपथ लेने वाला एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी किसी विशिष्ट विचारधारा के मंच पर कैसे जा सकता है? विपक्ष ने यह भी सवाल उठाया था कि क्या इस कार्यक्रम में जाने के लिए मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री की पूर्व अनुमति ली गई थी? इसके साथ ही कांग्रेस ने उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग भी की थी, जिसका जवाब कमिश्नर ने इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में बेहद विस्तार से दिया।

अपनी भूमिका को मजबूती से सामने रखते हुए नांगरे पाटिल ने कहा कि वे एक भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी हैं और उनकी निष्ठा हमेशा संविधान और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के मूल्यों के प्रति रहेगी। नागपुर को बाबासाहेब की पावन दीक्षाभूमि बताते हुए उन्होंने कहा कि वे राज्यघटना के सिद्धांतों के पाईक हैं और कानून का राज बनाए रखना उनका प्राथमिक कर्तव्य है। उन्होंने पुलिसिंग के आधुनिक स्वरूप को समझाते हुए कहा कि पुलिस का काम सिर्फ अपराध होने के बाद कार्रवाई करना (रिएक्टिव) नहीं होता, बल्कि अपराध को रोकना (प्रिवेंटिव) और समाज में जागरूकता फैलाना (प्रोएक्टिव) भी होता है। इसलिए सामाजिक और सांस्कृतिक संगठनों के रचनात्मक मंचों पर जाकर युवाओं और महिलाओं का मार्गदर्शन करना उनके सामाजिक कर्तव्यों का ही हिस्सा है।

विवादित कार्यक्रम का सच सामने रखते हुए उन्होंने बताया कि यह आयोजन 19 अप्रैल को ‘सकल हिंदू समाज, सानपाडा’ द्वारा ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष और ‘आरएसएस’ के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था। उन्हें आमंत्रित करने के लिए शहर के प्रतिष्ठित सीए, आर्किटेक्ट और डॉक्टर्स आए थे और यह कार्यक्रम उनके ऑफिस के समय के बाद, रात 8 बजे हुआ था। उन्होंने यह भी साफ किया कि उस मंच पर योग इंस्टीट्यूट की हंसाजी, कस्टम-जीएसटी कमिश्नर और इस्कॉन व ब्रह्मकुमारी जैसी संस्थाओं के आध्यात्मिक गुरु भी बतौर वक्ता मौजूद थे।

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