– महावितरण की नई शर्तें: अब मनचाहा सोलर नहीं लगा सकेंगे उपभोक्ता
नागपुर :- बढ़े हुए बिजली बिल से बचने के लिए उपभोक्ताओं का झुकाव सोलर की ओर बढ़ गया है। सरकार की ओर से छूट भी दी जा रही है। पूरे देश में नागपुर सोलर सिस्टम लगाने में दूसरे नंबर पर आ गया है। सोलर के कारण बिलिंग कम होने से महावितरण अब अंदर ही अंदर इसे घाटे का सौदा मान रहा है, इसलिए एक मकान के लिए एक ही सोलर सिस्टम मंजूर किया जा रहा है। एक मकान में 4 भाई रहते हैं, लेकिन मकान की रजिस्ट्री एक ही है, तो एक ही सोलर सिस्टम पर छूट मिलेगी। उपभोक्ता की मनमर्जी पर ब्रेक लगाने की शुरुआत हो गई है।
पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए सरकार सोलर सिस्टम को बढ़ावा दे रही है। एक किलोवाट पर 30 हजार, 2 किलोवाट पर 60 और 3 किलोवाट पर 78 हजार रुपए छूट मिलती है। नागपुर में सरकार टारगेट पूरा हो गया है, लेकिन अभी भी हजारों उपभोक्ता सोलर सिस्टम के लिए वेटिंग पर हैं। सोलर लगने से करीब एक लाख उपभोक्ताओं को जीये बिल आ रहा है। महावितरण के सूत्रों ने बताया कि संयुक्त परिवार है, तो एक को ही सोलर की छूट दी जाती है। जैसे एक मकान में चार भाई रहते हैं, तो सभी को छूट नहीं मिलेगी। छूट के लिए सभी के किचन स्वतंत्र होने चाहिए। इसी तरह सभी के मीटर स्वतंत्र होने के साथ ही टैक्स रसीद भी स्वतंत्र होनी चाहिए। पति-पत्नी के नाम पर घर या फ्लैट है, तो जिनके नाम पर बिजली मीटर है, उसी को छू मिलेगी।
सोलर सिस्टम से महावितरण की आय पर असर होता दिख रहा है, इसीलिए महावितरण ने अब अपनी तरफ से नियम-शर्तें लगाना शुरू कर दिया है। जैसे बिजली की खपत के हिसाब से सोलर सिस्टम लगाना होगा।
सोलर सब्सिडी के नियम हुए सख्त
बिजली की खपत साल भर में 1800 यूनिट तक है, तो 3 किलोवाट तक का ही सोलर लगाने अनुमति दी जाएगी। उपभोक्ता अपनी मर्जी से 5 किलोवाट, 7 किलोवाट या 10 किलोवाट का सोलर नहीं लगा सकेगा। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत नागपुर जिले में 119792 घरों पर रूफ टॉप सोलर सिस्टम लगाया गया है। जिले में सोलर सिस्टम से अनुमानित 726 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है।




