– बीएलओ घर जाकर करेंगे सत्यापन, अक्तूबर में प्रकाशित होगी अंतिम सूची
नई दिल्ली :- राजधानी में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन-एसआईआर) की प्रक्रिया मंगलवार से शुरू होगी। इसके तहत 13,033 बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। यह अभियान 29 जुलाई तक चलेगा।
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) अशोक कुमार ने सोमवार को बताया कि वर्तमान में दिल्ली में कुल 1.45 करोड़ मतदाता हैं। इनमें 77.11 लाख पुरुष, 67.98 लाख महिला और 1,024 तृतीय लिंग के मतदाता शामिल हैं। इसके अलावा 76,155 दिव्यांग मतदाता पंजीकृत हैं। 18 से 19 वर्ष आयु वर्ग के 3,29,130 युवा मतदाता हैं, जबकि 100 वर्ष से अधिक आयु के 192 मतदाता सूची में दर्ज हैं। सीईओ ने बताया कि विशेष पुनरीक्षण के दौरान प्रत्येक मतदाता को गणना प्रपत्र (एन्यूमरेशन फॉर्म) की दो प्रतियां दी जाएंगी। एक प्रति मतदाता अपने पास रसीद के रूप में रखेगा, जबकि दूसरी भरकर बीएलओ को लौटानी होगी। मतदाता चाहें तो यह विवरण ऑनलाइन भी जमा कर सकते हैं।
सीईओ ने कहा कि यदि किसी घर पर ताला मिला तो संबंधित बीएलओ वहां कम से कम तीन बार जाएगा, ताकि कोई पात्र मतदाता छूट न जाए। डोर-टू-डोर सर्वे 29 जुलाई तक पूरा कर लिया जाएगा।अशोक कुमार ने कहा कि हाल में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान जिन लोगों के मकान ध्वस्त हुए हैं, उनके मतदाता पंजीकरण से जुड़े मामलों को भारत निर्वाचन आयोग के समक्ष उठाया जाएगा।
5 अगस्त को मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशित किया जाएगा
दिल्ली में सात लोकसभा और 70 विधानसभा क्षेत्रों के लिए कुल 13,033 मतदान केंद्र हैं। विशेष पुनरीक्षण के बाद 5 अगस्त को मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशित किया जाएगा। 5 अगस्त से 4 सितंबर तक मतदाता और राजनीतिक दल दावे एवं आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। इनका निस्तारण 3 अक्तूबर तक किया जाएगा और अंतिम मतदाता सूची 7 अक्तूबर को प्रकाशित होगी।




