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27 साल से अधर में भंडारा रोड, बढ़ा इंतजार

– फंड पूरा, आदेश भी; फिर भी ‘तारीख पर तारीख’ से

नागपुर :- नागपुर का पुराना भंडारा रोड पिछले करीब 27 वर्षों से चौड़ीकरण और सीमेंटीकरण की राह देख रहा है। मेयो हॉस्पिटल चौक से सुनील होटल चौक तक लगभग तीन किलोमीटर लंबे इस मार्ग का निर्माण कार्य कई बार शुरू हुआ, लेकिन हर बार किसी न किसी वजह से रुक गया। अब यह परियोजना मुआवजा विवाद और लगातार टल रही न्यायालयीन सुनवाई के कारण एक बार फिर अधर में लटक गई है।

वर्ष 2017 में हाईकोर्ट ने भी सड़क निर्माण जल्द पूरा करने के निर्देश दिए थे, लेकिन करीब 9 वर्ष बाद भी परियोजना पूरी नहीं हो सकी। प्रभावित संपत्ति धारकों ने मुआवजे को लेकर न्यायालय का रुख किया है। हालांकि, स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जनहित को देखते हुए प्रशासन को भी मामले के त्वरित निपटारे के लिए गंभीरता दिखानी चाहिए। आरोप है कि मनपा की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता कई बार सुनवाई के दौरान उपस्थित नहीं होते या फिर विभिन्न कारणों से अगली तारीख की मांग कर देते हैं। इससे मामले का निस्तारण लगातार टलता जा रहा है। मध्य नागपुर विकास आघाड़ी के भूषण दडवे ने बताया कि 8 जुलाई को निर्धारित सुनवाई प्रशासन पक्ष के अधिवक्ता के अनुपस्थित रहने के कारण नहीं हो सकी और अगली तारीख 20 जुलाई तय की गई। उनका आरोप है कि इससे पहले भी कई बार सुनवाई आगे बढ़ चुकी है, जिससे परियोजना अनावश्यक रूप से विलंबित हो रही है।

धन की कमी नहीं, फिर भी काम अधूरा

सड़क परियोजना के लिए धन की कमी नहीं है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के मंत्रालय से पहले ही 100 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए जा चुके हैं। वहीं, प्रभावितों को मुआवजा देने के लिए राज्य सरकार ने भी राशि जारी कर दी है। कई संपत्ति मालिकों को मुआवजा मिलने के बाद उनके बाधित हिस्से हटाए जा चुके हैं, जबकि कई स्थानों पर मुआवजा मिलने के बावजूद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पूरी नहीं हो सकी है। इसी कारण निर्माण कार्य पूरी गति से आगे नहीं बढ़ पा रहा है।

गडकरी से हस्तक्षेप की मांग

भूषण दडवे ने मांग की है कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी स्वयं इस मामले का संज्ञान लें और संबंधित अधिकारियों से जवाब-तलब करें। उनका कहना है कि यदि प्रशासन न्यायालय में प्रभावी ढंग से अपना पक्ष रखे तो मामले का जल्द समाधान निकल सकता है और वर्षों से अटकी परियोजना पूरी हो सकेगी।

अधूरी सड़क बनी मुसीबत

जितना हिस्सा बाधा मुक्त हुआ, वहां ठेकेदार ने सीमेंट सड़क का निर्माण शुरू किया। हालांकि सड़क के केवल एक हिस्से का ही काम पूरा हो पाया, जबकि दूसरी ओर पिछले करीब दो महीने से काम बंद पड़ा है। निर्मित हिस्से का उपयोग अब वाहन पार्किंग के लिए किया जा रहा है, जबकि दूसरी ओर खुदाई के कारण मार्ग अव्यवस्थित बना हुआ है। बारिश के दौरान यहां कीचड़ और जलभराव से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि वे वर्षों से इस सड़क के पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन फिलहाल उन्हें केवल ‘तारीख पर तारीख’ ही मिल रही है।

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