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खामगांव अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक में छापेमारी

– 350 खातों में 100 करोड़ का संदिग्ध लेनदेन, आयकर विभाग की जांच में बड़ा खुलासा

नागपुर :- आयकर विभाग के खुफिया एवं आपराधिक जांच निदेशालय (आई एंड सीआई) द्वारा खामगांव अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक में की गई जांच के दौरान बड़े पैमाने पर संदिग्ध वित्तीय लेनदेन का मामला सामने आया है। प्रारंभिक जांच में लगभग 350 बचत खातों में करीब 100 करोड़ रुपये जमा पाए गए, जिनकी जानकारी निर्धारित प्रक्रिया के तहत विभाग को उपलब्ध नहीं कराई गई थी।

सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान कुल 200 करोड़ रुपये से जुड़े ऐसे वित्तीय लेनदेन सामने आए, जिनकी रिपोर्ट स्टेटमेंट ऑफ फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन (एसएफटी) के माध्यम से आयकर विभाग को नहीं भेजी गई थी। इनमें करीब 100 करोड़ रुपये बचत खातों, 50 करोड़ रुपये चालू खातों, 25 करोड़ रुपये टर्म डिपॉजिट तथा 25 करोड़ रुपये ब्याज भुगतान से संबंधित बताए जा रहे हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि इन 350 खातों में औसतन 30 से 35 लाख रुपये जमा थे। जांच एजेंसियों को इस बात पर भी संदेह है कि अपेक्षाकृत छोटे शहर में बड़ी संख्या में बचत खातों के माध्यम से इतने बड़े पैमाने पर लेनदेन कैसे हुआ और इसकी सूचना नियमानुसार विभाग को क्यों नहीं दी गई। सूत्रों का कहना है कि आयकर विभाग के अधिकारी लगातार दस्तावेजों और खातों की जांच कर रहे हैं। जांच आगे बढ़ने के साथ संदिग्ध खातों और लेनदेन की संख्या बढ़ने की संभावना भी जताई जा रही है।

जानकारों के अनुसार, विदर्भ क्षेत्र में सहकारी बैंक, रियल एस्टेट, रजिस्ट्री कार्यालय, बिल्डर, डेवलपर, अस्पताल और ज्वेलर्स सहित विभिन्न संस्थानों द्वारा एसएफटी रिपोर्टिंग में लापरवाही के मामलों पर आयकर विभाग विशेष नजर रखे हुए है। विभाग का दावा है कि ऐसी कार्रवाई के माध्यम से बड़ी मात्रा में वित्तीय लेनदेन को औपचारिक प्रणाली में लाने में सफलता मिली है। हालांकि, जांच अभी जारी है। अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच एजेंसी की रिपोर्ट और आगे की कानूनी प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होंगे।

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