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AI से नौकरियां नहीं जाएंगी, उनका स्वरूप बदलेगा – फडणवीस

– शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भूमिका पर दिया जोर

नागपुर :-  कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के बढ़ते प्रभाव के बीच नौकरियों को लेकर चल रही चिंताओं पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि एआई के कारण नौकरियां खत्म नहीं होंगी, बल्कि उनका स्वरूप बदलेगा। भविष्य में अधिकांश क्षेत्रों में एआई का प्रभाव बढ़ेगा और नई संभावनाएं भी निर्माण होंगी।

मुख्यमंत्री फडणवीस नागपुर के काटोल रोड स्थित रामदेवबाबा विश्वविद्यालय में अत्याधुनिक एआई लैब के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर पद्मश्री सत्यनारायण नुवाल, संस्थान के प्रमुख राजेंद्र पुरोहित, कुलपति आर.एस.पांडे, कैलाशचंद्र अग्रवाल सहित कई गणमान्य उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज एआई हर क्षेत्र को नई दिशा दे रहा है और औद्योगिक विकास की पांचवीं क्रांति में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। दुनिया अब छठी औद्योगिक क्रांति की ओर बढ़ रही है, जिसमें शिक्षा और अनुसंधान का योगदान सबसे अधिक रहेगा। उन्होंने बताया कि हाल ही में एक विशेषज्ञ ने उन्हें बताया कि अगले एक हजार दिनों में लगभग 75 प्रतिशत नौकरियों में एआई के कारण बदलाव आएगा। हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि नौकरियां समाप्त हो जाएंगी, बल्कि काम करने का तरीका और आवश्यक कौशल बदलेंगे।

फडणवीस ने आगे कहा कि रामदेवबाबा विश्वविद्यालय द्वारा स्थापित आधुनिक एआई लैब विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलेगी। उन्होंने निजी शिक्षण संस्थानों से शिक्षा की गुणवत्ता और अनुसंधान को प्राथमिकता देने का आह्वान भी किया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में डेटा नई अर्थव्यवस्था का सबसे महत्वपूर्ण संसाधन बन चुका है। एआई के माध्यम से नई डेटा आधारित इंडस्ट्री विकसित होंगी, जो मानव जीवन को अधिक सुविधाजनक बनाएंगी। उन्होंने स्विट्जरलैंड के दावोस में हुई एक बैठक का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां के स्वास्थ्य मंत्री ने एआई के कारण स्वास्थ्य क्षेत्र में हो रहे क्रांतिकारी बदलावों की जानकारी दी थी। उनके अनुसार, वर्ष 2000 के बाद जन्म लेने वाले बच्चों की औसत आयु 100 वर्ष तक पहुंचने की संभावना व्यक्त की गई है।

कृषि क्षेत्र को भी मिलेगा लाभ

मुख्यमंत्री ने कृषि क्षेत्र में भी एआई के उपयोग पर विशेष जोर दिया। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने किसानों के लिए बहुभाषी एआई आधारित मोबाइल ऐप विकसित किया है, जिसमें आदिवासी भाषाओं को भी शामिल किया गया है। किसान यदि फसल के फूल आने के बाद उसकी तस्वीर ऐप पर अपलोड करेंगे तो उन्हें अगले 15 दिनों के मौसम का पूर्वानुमान, फसल प्रबंधन की सलाह तथा पूरे फसल चक्र से जुड़ी जानकारी मिलेगी। इससे कृषि उत्पादन में 25 से 30 प्रतिशत तक वृद्धि होने की उम्मीद है।

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