spot_imgspot_img

Latest News

spot_img

Related Posts

काटोल रोड पर दौड़ेंगे दो फ्लाईओवर

– 250 करोड़ के प्रोजेक्ट की डीपीआर अंतिम चरण में, 2.25 किमी होगा एलिवेटेड कॉरिडोर

नागपुर :- करीब तीन साल पहले घोषित 250 करोड़ रुपये की काटोल नाका ट्विन फ्लाईओवर परियोजना अब जमीन पर उतरने की दिशा में आगे बढ़ रही है। नागपुर-काटोल रोड पर प्रस्तावित इस परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) अंतिम चरण में पहुंच गई है। वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, राज्य लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) का राष्ट्रीय राजमार्ग प्रभाग जल्द ही डीपीआर सरकार की मंजूरी के लिए प्रस्तुत करेगा। मंजूरी मिलने के बाद परियोजना के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

पहले इस मार्ग पर एक सतत फ्लाईओवर बनाने की योजना थी, लेकिन संशोधित प्रस्ताव में ओल्ड काटोल नाका चौक से न्यू काटोल नाका क्षेत्र के बीच दो अलग-अलग फ्लाईओवर बनाने का निर्णय लिया गया है। दोनों एलिवेटेड कॉरिडोर की कुल लंबाई करीब 2.25 किलोमीटर होगी।

गिट्टिखदान चौक से केटी नगर तक पहला फ्लाईओवर

पहला फ्लाईओवर करीब 1.325 किमी लंबा होगा। यह पुलिस मुख्यालय के पास से शुरू होकर यातायात की दृष्टि से बेहद व्यस्त गिट्टिखदान चौक के ऊपर से गुजरेगा और केटी नगर के पास समाप्त होगा। दूसरा फ्लाईओवर करीब 925 मीटर लंबा होगा। यह रिंग रोड जंक्शन से पहले शुरू होकर व्यस्त चौराहे के ऊपर से गुजरते हुए न्यू काटोल नाका टोल प्लाजा के पास समाप्त होगा।

अधिकारियों के मुताबिक, दोनों फ्लाईओवर के बीच के हिस्से को जमीन के स्तर पर ही रखा जाएगा। इस हिस्से में सड़क किनारे अपेक्षाकृत कम निर्माण है और अधिकांश क्षेत्र रक्षा भूमि से घिरा हुआ है। इससे परियोजना की लागत को नियंत्रित रखने में मदद मिलेगी और प्रमुख जंक्शनों पर यातायात को बिना बाधा जारी रखने की व्यवस्था की जा सकेगी।

जमीन अधिग्रहण की जरूरत नहीं

परियोजना की खास बात यह है कि प्रस्तावित डिजाइन में मौजूदा राइट ऑफ वे (आरओडब्लू) का ही उपयोग किया जाएगा। इसलिए अधिकारियों के अनुसार, इसके लिए अलग से जमीन अधिग्रहण की आवश्यकता नहीं होगी। इससे परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

4.6 किमी सड़क का होगा विकास

ट्विन फ्लाईओवर के अलावा पूरे 4.6 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर के चौड़ीकरण और पुनर्निर्माण का भी प्रस्ताव है। सड़क को सीमेंट कंक्रीट से बनाया जाएगा तथा मौजूदा मार्ग को चार लेन में विकसित किया जाएगा। दोनों तरफ सीमेंट कंक्रीट की सर्विस रोड भी बनाई जाएगी। वर्तमान में इस मार्ग पर दोनों दिशाओं में करीब सात-सात मीटर चौड़ी कैरिजवे सड़क के साथ फुटपाथ मौजूद हैं। परियोजना के तहत सड़क के समर्ग बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने की योजना है।

बढ़ते यातायात से राहत की उम्मीद:

पिछले एक दशक में काटोल रोड कॉरिडोर के आसपास तेजी से शहरीकरण हुआ है। आवासीय कॉलोनियों, शैक्षणिक संस्थानों और व्यावसायिक गतिविधियों के विस्तार के कारण इस मार्ग पर यातायात का दबाव लगातार बढ़ा है। काटोल, छिंदवाड़ा और आसपास के क्षेत्रों की ओर जाने वाले वाहनों के लिए भी यह प्रमुख मार्ग है।

गिट्टिखदान चौक और न्यू काटोल नाका जंक्शन शहर के प्रमुख और व्यस्त यातायात बिंदुओं में शामिल हैं। पीक ऑवर के दौरान इन स्थानों पर वाहन चालकों को लंबे समय तक जाम का सामना करना पड़ता है। ट्विन फ्लाईओवर और सड़क चौड़ीकरण परियोजना पूरी होने के बाद इन प्रमुख जंक्शनों पर यातायात दबाव कम होने, सड़क सुरक्षा में सुधार, यात्रा समय घटने और वाहनों की आवाजाही अधिक सुगम होने की उम्मीद है।परियोजना की मौजूदा अनुमानित लागत करीब 250 करोड़ रुपये है। हालांकि, अंतिम मंजूरी से पहले विस्तृत अनुमान में बदलाव संभव है।

Popular Articles