– 10 जोन में 1,282 गड्ढे; 698 की मरम्मत के बाद फिर उभरे
नागपुर :- जुलाई की लगातार बारिश ने नागपुर की सड़कों की हालत फिर बिगाड़ दी है। नागपुर महानगरपालिका द्वारा बारिश के दौरान सैकड़ों गड्ढों की मरम्मत किए जाने के बावजूद कई सड़कों पर कुछ ही दिनों बाद दोबारा गड्ढे उभर आए हैं। इससे मरम्मत कार्य की गुणवत्ता और टिकाऊपन पर सवाल उठने लगे हैं।
मनपा के 10 जोन में किये गये प्रारंभिक सर्वेक्षण में 1,282 गड्ढे मिले हैं। इनसे करीब 12,398.20 वर्गमीटर सड़क क्षेत्र प्रभावित हुआ है। सर्वे के अनुसार सबसे ज्यादा 353 गड्ढे धरमपेठ जोन में मिले। इसके बाद हनुमान नगर में 280, नेहरू नगर में 147, लक्ष्मी नगर में 138, आशी नगर में 125, मंगलवारी में 119, धंतोली में 67, गांधीबाग में 28, सतरंजीपुरा में 16 और लकड़गंज में 15 गड्ढे पाए गए।
698 गड्ढों की हो चुकी मरम्मत
मनपा के हॉटमिक्स प्लांट विभाग के अनुसार, 1 से 28 जुलाई के बीच शहर में 698 गड्ढों की मरम्मत की गई। इनमें सबसे अधिक 163 गड्ढे नेहरू नगर जोन में भरे गए। इसके अलावा मंगलवारी में 144, धरमपेठ में 107, हनुमान नगर में 78, धंतोली में 70, आशी नगर में 52, सतरंजीपुरा में 26, गांधीबाग में 16 और लकड़गंज में 13 गड्ढों की मरम्मत की गई। इसके बावजूद कई मरम्मत किये गये हिस्सों में फिर से गड्ढे दिखाई देने लगे हैं। पुराने वीसीए स्टेडियम के पास सीके नायडू चौक से फुटाला तालाब तक का मार्ग इसका उदाहरण है। हाल में मरम्मत के बाद इस सड़क पर फिर कई गड्ढे हो गए हैं। सड़क पर बिखरी गिट्टी दोपहिया वाहन चालकों के लिए भी खतरा बन रही है।
गड्ढों के साथ धूल की समस्या भी बढ़ी :
वाहन चालकों के अनुसार, बार-बार खराब हो रही मरम्मत से दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। सड़क की बिटुमिन सतह उखड़ने के बाद बची गिट्टी वाहनों के पहियों के नीचे आकर धूल उड़ाती है, जिससे वायु प्रदूषण की समस्या भी बढ़ रही है। समस्या केवल मनपा के अधीन सड़कों तक सीमित नहीं है। महामेट्रो, एनएचएआई, पीडब्ल्यूडी और एनआईटी के अधीन आने वाले कई मार्गों पर भी बारिश के बाद बड़े गड्ढे हो गए हैं।
तत्काल मरम्मत के निर्देश
सड़कों को और खराब होने से रोकने के लिए मनपा के हॉटमिक्स प्लांट विभाग ने सभी जोनल कार्यालयों में कर्मचारियों और मरम्मत सामग्री की व्यवस्था की है। संबंधित इंजीनियरों को गड्ढों की तत्काल भराई और क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के निर्देश दिये गये हैं।





