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एपीएमसी सेस पर आर-पार की तैयारी

– 2 अक्टूबर तक मोहलत, मांग नहीं मानी तो राज्यव्यापी आंदोलन

कोल्हापुर/ नागपुर :- महाराष्ट्र के एपीएमसी व्यापारियों ने कृषि उपज बाजार समिति (एपीएमसी) के मार्केट सेस को समाप्त करने की मांग को लेकर राज्य सरकार को 2 अक्टूबर 2026 तक की समयसीमा दी है। इस अवधि में मांग पूरी नहीं होने पर व्यापारियों ने 2 अक्टूबर से राज्यव्यापी शांतिपूर्ण असहयोग आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया है।

कोल्हापुर चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज और कोल्हापुर ग्रेन मर्चेंट्स एसोसिएशन की संयुक्त मेजबानी में आयोजित राज्यव्यापी एपीएमसी ट्रेडर्स सम्मेलन में यह निर्णय लिया गया। सम्मेलन में चेंबर ऑफ एसोसिएशंस ऑफ महाराष्ट्र इंडस्ट्री एंड ट्रेड (कैमिट) के अध्यक्ष डॉ. दिपेन अग्रवाल मुख्य अतिथि एवं प्रमुख वक्ता के रूप में उपस्थित थे। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि कैमिट लगातार राज्य सरकार के समक्ष एपीएमसी मार्केट सेस का मुद्दा उठा रहा है। उन्होंने हाल ही में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के समक्ष जीएसटी के साथ मार्केट सेस जारी रहने से व्यापारियों पर पड़ रहे अतिरिक्त आर्थिक बोझ का मुद्दा रखा था। मुख्यमंत्री ने इस पर सकारात्मक विचार का आश्वासन दिया है। उन्होंने व्यापारियों से सरकार को 2 अक्टूबर तक समय देने की अपील की। साथ ही कहा कि इसके बाद भी ठोस निर्णय नहीं हुआ तो राज्यभर के एपीएमसी व्यापारी एकजुट होकर शांतिपूर्ण आंदोलन करेंगे।

एक साथ कई करों का विरोध

सम्मेलन में वक्ताओं ने जीएसटी, एपीएमसी मार्केट सेस और प्रस्तावित यूजर चार्ज की एक साथ वसूली को अनुचित बताते हुए इसका विरोध किया। कैमिट के अध्यक्ष मोहान गुरनानी ने आटा, सूजी, खाद्य तेल, दाल और सूखे मेवों जैसी विनियमनमुक्त वस्तुओं पर भी एपीएमसी द्वारा यूजर चार्ज लगाने के अधिकार का विरोध किया। उन्होंने बाजार समितियों द्वारा अधिसूचित बाजार परिसरों के बाहर चेकपोस्ट और निरीक्षण किए जाने पर भी आपत्ति जताई।

महाराष्ट्र चेंबर ऑफ कॉमर्स, इंडस्ट्री एंड एग्रीकल्चर के अध्यक्ष रविंद्र मंगावे ने कहा कि कोल्हापुर सम्मेलन राज्यव्यापी आंदोलन की शुरुआत है। उन्होंने बताया कि 2 अक्टूबर से पहले नासिक और मुंबई में भी व्यापारियों के सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। 9 अगस्त, क्रांति दिवस से एमएसीसीआईए सोशल मीडिया अभियान शुरू करेगी। जरूरत पड़ने पर मुंबई के आजाद मैदान में प्रदर्शन और भूख हड़ताल भी की जाएगी। कोल्हापुर चेंबर के संजय शेठ, मुंबई ग्रेन मर्चेंट्स एसोसिएशन के भीमजी भानुशाली और पूना मर्चेंट्स चेंबर के राजेंद्र बाठिया ने भी मार्केट सेस और यूजर चार्ज का विरोध करते हुए सरकार से तत्काल निर्णय लेने की मांग की।

सम्मेलन में प्रमुख प्रस्ताव

सम्मेलन में महाराष्ट्र मार्केट सेस अबोलिशन स्ट्रगल कमेटी गठित करने का निर्णय लिया गया। कैमिट के मानद सचिव अजित कोठारी को समिति का संयोजक नियुक्त किया गया। प्रमुख प्रस्तावों में 2 अक्टूबर तक मार्केट सेस समाप्त नहीं होने पर व्यापारियों द्वारा सेस की वसूली और भुगतान बंद करना, कार्रवाई होने पर राज्यव्यापी महाराष्ट्र बंद का आह्वान, एपीएमसी को सेस के बजाय सीधे वित्तीय सहायता देना तथा यूजर चार्ज लगाने का अधिकार वापस लेना शामिल है। इसके अलावा एपीएमसी व्यापार लाइसेंस की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन करने और एपीएमसी एक्ट में संशोधन अथवा नेशनल मार्केट कमेटी व्यवस्था लागू करने से पहले मुख्यमंत्री एवं व्यापार संगठनों के साथ व्यापक चर्चा करने की मांग की गई।

अखिल ग्राहक पंचायत ने भी व्यापारियों की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि विभिन्न प्रकार के शुल्कों का बोझ अंततः उपभोक्ताओं पर पड़ता है। सम्मेलन में सोलापुर, छत्रपति संभाजीनगर, अहिल्यानगर, जलगांव, बारामती, लातूर, ठाणे, सांगली, नागपुर सहित विभिन्न जिलों के व्यापारिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। नासिक ग्रेन एंड ग्रॉसरी होलसेल मर्चेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रफुल्ल संचेती ने घोषणा की कि आंदोलन के अगले चरण में नासिक में राज्यस्तरीय व्यापारी सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का संचालन विवेक शेठ ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन वैभव सावर्डेकर ने किया।

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