– किसानों ने सावनेर तहसील कार्यालय का घेराव, जमीन देने तैयार नहीं
नागपुर :- प्रस्तावित डिफेंस न्यूक्लियर कॉरिडोर के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया के विरोध में प्रभावित किसानों ने शुक्रवार को सावनेर में जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में किसानों ने रैली निकालकर तहसील कार्यालय का घेराव किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। किसानों ने स्पष्ट किया कि वे अपनी खेती की जमीन किसी भी स्थिति में परियोजना के लिए नहीं देंगे।
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने तहसीलदार और उप विभागीय अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें रखीं। किसानों ने कहा कि खेती ही उनके परिवारों की आजीविका का प्रमुख आधार है। ऐसे में किसानों से उचित संवाद, पारदर्शी प्रक्रिया और उनकी सहमति के बिना जमीन अधिग्रहण का कोई भी निर्णय स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने ‘जमीन हमारी है, हम इसे किसी भी हालत में नहीं देंगे’ और ‘एक इंच भी जमीन नहीं देंगे’ जैसे नारे लगाए।

प्रस्तावित कॉरिडोर से प्रभावित नौ गांवों की आठ ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों ने भी प्रशासन के समक्ष अपना पक्ष रखा और संबंधित ग्राम पंचायतों की ओर से ज्ञापन सौंपे। किसानों ने सरकार से मामले में उचित न्याय करने और उनकी जमीन बचाने की मांग की। प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों की मांगों को सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। प्रदर्शन के दौरान तहसील कार्यालय परिसर में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण माहौल रहा। किसान संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर उचित निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
प्रदर्शन में मालेगांव के सरपंच धर्मेंद्र खोंडे, पूर्व सरपंच शंकरराव मोवाड़े, चंद्रकांत सोमकुवर, जोगा के सरपंच शंकरराव टोंगे, वामनराव मोवाड़े, पूर्व जिला परिषद सदस्य दिलीपराव उइके, मनोहर काकड़े, सलाई के श्रीकांत मोहतकर, भावेश वाखोरे, जटोमखोरा के सरपंच सोनू रावसाहब, कृष्ण पांडे, सावली के हरीश मोहतकर, दिलीप मोहतकर, खुरसापार के नानाजी माडेकर, भूषण कुबड़े, मंगेश जोगी सहित विभिन्न गांवों के ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।





