– 2 महिलाओं समेत 5 और आरोपी गिरफ्तार
नागपुर :- नागपुर साइबर पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए बैंक खाते, सिम कार्ड, एटीएम कार्ड और पासबुक तैयार कर साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराने वाले बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। जांच में सामने आया है कि इस गिरोह ने अब तक करीब 300 फर्जी बैंक खातों के माध्यम से 10 करोड़ रुपये से अधिक का लेनदेन किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 100 बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है, जिनमें 4 से 5 करोड़ रुपये भी फ्रीज किए गए हैं। मामले में दो महिलाओं सहित पांच और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले एक आरोपी की गिरफ्तारी हो चुकी थी।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इरफान इकबाल शेख पठाण (32, भंडारा), मृणाली कांबले (26, हुडकेश्वर), निधिता रामटेके (22), आयुष रामटेके (20) और आदित्य दुपारे (20) के रूप में हुई है। इससे पहले उज्ज्वला राजगिरे को गिरफ्तार किया गया था।

पुलिस के अनुसार, हेड कॉन्स्टेबल सूरज भारती की सूचना पर 5 अगस्त को साइबर पुलिस की टीम ने दिघोरी स्थित सावली अम्मा दरगाह मार्ग पर सलीम जाकिर शेख के ठिकाने पर छापा मारा। इस दौरान 209 सिम कार्ड, 40 एटीएम कार्ड, 45 पासबुक, 180 चेकबुक, 45 आधार कार्ड, 12 पैन कार्ड, चार मोबाइल फोन, 10 रबर स्टांप, पांच सील, तीन कैश काउंटिंग मशीन, एक लैपटॉप और कई फर्जी दस्तावेज जब्त किए गए।
आगे की जांच में पुलिस ने भंडारा से इरफान पठान को गिरफ्तार किया। इसके बाद गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों मृणाली, निधिता, आयुष और आदित्य को भी हिरासत में लिया गया। इनके कब्जे से 30 क्रेडिट कार्ड, 40 पासबुक, 15 मोबाइल फोन, आधार-पैन कार्ड, रबर स्टांप और अन्य सामग्री बरामद की गई।
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि उन्होंने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर करीब 300 बैंक खाते खुलवाए थे, जिनका इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम के लेनदेन के लिए किया जाता था। पुलिस ने बरामद एटीएम कार्ड और पासबुक के आधार पर 100 बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है।फिलहाल इस गिरोह के मुख्य सरगना सलीम जाकिर शेख, भरत ईसरानी और अमित रामटेके फरार हैं। साइबर पुलिस उनकी तलाश में जुटी है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।





