– AI ट्रेनिंग, मुफ्त कोचिंग, स्पोर्ट्स टैलेंट हंट और स्टार्टअप पर सरकार का फोकस
नई दिल्ली :- स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से लगातार 13वीं बार राष्ट्रीय ध्वज फहराया और करीब 76 मिनट तक देश को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य के साथ युवाओं, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), शिक्षा, खेल, स्टार्टअप, उद्योग और अर्थव्यवस्था को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं और लक्ष्य सामने रखे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की दिशा तय हो चुकी है और अब 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य को हासिल करना है। उन्होंने कहा कि जिन कार्यों को पूरा करने में पिछले कई दशक लगे, उन्हें आने वाले वर्षों में तेजी से पूरा करने की जरूरत है। इसके लिए नीतियों के साथ कार्यसंस्कृति और सोच में भी बदलाव जरूरी है।
एक साल में 1 करोड़ युवाओं को AI ट्रेनिंग:
प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि सरकार अगले एक वर्ष में 1 करोड़ युवाओं को AI की ट्रेनिंग देने का लक्ष्य लेकर चल रही है। उन्होंने कहा कि AI का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है और भारत के युवाओं को इस क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व के लिए तैयार करना जरूरी है। उन्होंने देश में 2.5 लाख से अधिक स्टार्टअप और AI इम्पैक्ट समिट का उल्लेख करते हुए कहा कि नई तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में युवाओं की भागीदारी बढ़ानी होगी।
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग:
प्रधानमंत्री ने प्रतियोगी परीक्षाओं की महंगी कोचिंग को गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर बढ़ते आर्थिक बोझ से जोड़ते हुए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग नेटवर्क उपलब्ध कराने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि देश के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षकों और विशेषज्ञों की मदद से युवाओं को गुणवत्तापूर्ण तैयारी का अवसर दिया जाएगा।
स्टार्टअप और इनोवेशन पर जोर:
मोदी ने कहा कि भारत में 2.5 लाख से अधिक स्टार्टअप पंजीकृत हैं और युवा रोजगार मांगने के साथ रोजगार देने वाले भी बन रहे हैं। उन्होंने 1 लाख करोड़ रुपये के इनोवेशन फंड का भी उल्लेख किया। साथ ही स्किल इंडिया, अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी भागीदारी, ड्रोन नीति और खेलो इंडिया जैसी पहलों को भारत की नई ताकत बताया।
खेलों में प्रतिभा तलाशने के लिए टैलेंट हंट:
प्रधानमंत्री ने 2036 ओलंपिक की मेजबानी की भारत की दावेदारी और 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ओलंपिक की कई स्पर्धाओं में भारत की भागीदारी अभी सीमित है। इसे बढ़ाने के लिए सरकार स्पोर्ट्स टैलेंट हंट अभियान पर जोर देगी। उन्होंने कहा कि 2036 ओलंपिक को ध्यान में रखते हुए अभी से प्रतिभाओं को तैयार करना होगा और 5 से 15 वर्ष की उम्र के बच्चों पर विशेष ध्यान देना होगा।
केंद्र, राज्यों और उद्योग को साथ आने का आह्वान:
प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य केवल केंद्र सरकार के प्रयासों से हासिल नहीं होगा। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकारों के साथ उद्योग जगत को भी मिलकर काम करना होगा। उन्होंने सुधारों की प्रक्रिया जारी रखने पर जोर देते हुए कहा कि भारत को अपने लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए लगातार तेज गति से आगे बढ़ना होगा। अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को दोहराया। उनका भाषण मुख्य रूप से युवा शक्ति, AI और तकनीक, शिक्षा, खेल, स्टार्टअप, उद्योग तथा आर्थिक विकास पर केंद्रित रहा।





