– गिरफ्तारी प्रक्रिया में कानूनी प्रावधानों का पालन नहीं, तत्काल रिहाई का आदेश
नागपुर :- करीब 2 करोड़ रुपए मूल्य के विदेशी सोने की तस्करी के मामले में गिरफ्तार आरोपी विनोद पवार को अदालत से बड़ी राहत मिली है। गिरफ्तारी की प्रक्रिया में आवश्यक कानूनी प्रावधानों का पालन नहीं किए जाने को गंभीरता से लेते हुए अदालत ने उसे तत्काल रिहा करने का आदेश दिया। वहीं, डीआरआई की ओर से रिहाई के आदेश पर रोक लगाने की मांग को भी अदालत ने खारिज कर दिया।
जानकारी के अनुसार, डीआरआई ने रेलवे स्टेशन पर धैर्यशील और सुरेश नामक दो व्यक्तियों को रोककर उनके पास से 1,282.450 ग्राम सोना जब्त किया था। जब्त सोने की अनुमानित कीमत करीब 2 करोड़ रुपए बताई गई। डीआरआई का दावा था कि यह सोना आरोपी विनोद पवार द्वारा तस्करी के जरिए लाया गया था। इसी आधार पर पवार को 15 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था। अदालत ने उसे 17 अगस्त तक पुलिस कस्टडी रिमांड पर भेजा था। 17 अगस्त को आरोपी की ओर से अधिवक्ता सुरभि गोडबोले नायडू ने गिरफ्तारी को अवैध बताते हुए तत्काल रिहाई की मांग की। बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि गिरफ्तारी मेमो में आरोपी की गिरफ्तारी का समय दोपहर 12 बजे दर्ज किया गया है, जबकि उसे उसी दिन शाम 4.35 बजे अदालत में पेश किया गया। साथ ही, आरोपी के रिश्तेदारों को गिरफ्तारी की लिखित सूचना अदालत में पेश किए जाने से कम से कम दो घंटे पहले उपलब्ध नहीं कराई गई।
डीआरआई ने बचाव पक्ष की दलीलों का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी के भाई को गिरफ्तारी मेमो वाट्सएप के माध्यम से भेजा गया था। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश एस.के. सोनवणे ने गिरफ्तारी प्रक्रिया में कानूनी प्रावधानों के पालन को लेकर उठाई गई आपत्तियों को गंभीरता से लिया और आरोपी की तत्काल रिहाई का आदेश दिया। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता सुरभि गोडबोले नायडू, प्रकाश नायडू, मितेश बैस, होमेश चौहान, ध्रुव शर्मा, नूपुर अग्रवाल, जागृति पाटिल और अनन्या चांडक ने पैरवी की।





