– अफ्रीकी मूल की प्रजाति पर रोक, मत्स्य विभाग समेत 6 विभागों की संयुक्त कार्रवाई
नागपुर :- पारशिवनी तहसील के चिचोली (महादुला) में गुरुवार को मत्स्य व्यवसाय विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित थाई मांगूर मछली का करीब 36 टन भंडार मौके पर ही नष्ट कर दिया। यह कार्रवाई मत्स्य व्यवसाय विभाग, राजस्व, पुलिस, महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल, महावितरण और स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के संयुक्त दल ने की। अधिकारियों के अनुसार, थाई मांगूर अफ्रीकी मूल की मांसाहारी मछली की प्रजाति है, जिसके संवर्धन और बिक्री को लेकर केंद्र सरकार तथा सक्षम प्राधिकरणों ने प्रतिबंधात्मक निर्देश जारी किए हैं।
थाई मांगूर को अत्यंत आक्रामक प्रजाति माना जाता है। इसके कारण स्थानीय जलपरिस्थिति की तंत्र में पाई जाने वाली देशी मछलियों की प्रजातियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका रहती है। इसी को देखते हुए इसके संवर्धन और बिक्री पर कानूनी रोक लगाई गई है। मत्स्य व्यवसाय विभाग के सहायक आयुक्त शुभम कोमरेवार ने बताया कि प्रतिबंधित थाई मांगूर का संवर्धन और बिक्री कानूनन प्रतिबंधित है। उन्होंने बताया कि पिछले तीन महीनों में चिचोली की कार्रवाई से पहले ही करीब 51 टन प्रतिबंधित मछली नष्ट की जा चुकी है। ताजा कार्रवाई के बाद नष्ट किए गए प्रतिबंधित मछली के भंडार का आंकड़ा और बढ़ गया है।
संयुक्त दल ने संभाला मोर्चा:
कार्रवाई में मत्स्य व्यवसाय विभाग के सहायक आयुक्त शुभम कोमरेवार, मत्स्य व्यवसाय विकास अधिकारी प्रशांत वैद्य, सहायक मत्स्य व्यवसाय विकास अधिकारी अंकित वैद्य, निखिल नरड और लेखापाल सतीश क्षीरसागर ने हिस्सा लिया। महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल की वरिष्ठ अधिकारी पाटिल एवं उनकी टीम, पारशिवनी नगर परिषद के उपाध्यक्ष दीपक शिवरकर, सावली ग्राम पंचायत के सरपंच मंगेश राऊत तथा राजस्व विभाग के निंबा साझा क्रमांक-7 के अधिकारी विश्वजीत पुरामकर भी मौके पर मौजूद रहे।
पुलिस विभाग की ओर से पुलिस निरीक्षक किशोर शेरकी, सहायक पुलिस निरीक्षक देवानंद उके समेत पुलिस दल ने कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाली। कार्रवाई के दौरान तकनीकी सहयोग के लिए महावितरण के कार्यकारी अभियंता चंद्रकांत शेडमाके, कनिष्ठ अभियंता मंगेश शेगावकर और वरिष्ठ तकनीशियन गणेश देशभ्रतार उपस्थित रहे। पुलिस हवलदार सुरेश दुर्वे समेत पुलिस दल ने मौके पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी।





