– महिंद्रा के अस्थायी कामगारों का आंदोलन, रोजगार सुरक्षा की मांग
– उद्योग मंत्री उदय सामंत ने फोन पर दिया तीन माह में समाधान का आश्वासन
नागपुर/हिंगना :- हिंगना एमआईडीसी क्षेत्र स्थित महिंद्रा एंड महिंद्रा की ट्रैक्टर निर्माण कंपनी के अस्थायी कर्मचारियों ने स्थायी नियुक्ति समेत विभिन्न मांगों को लेकर कंपनी के मुख्य प्रवेश द्वार के सामने आंदोलन किया। सुबह 7 बजे से ही हजारों कर्मचारी काम पर जाने के बजाय गेट के सामने एकत्रित हो गए और अपनी मांगों के समर्थन में धरना दिया।
आंदोलन की जानकारी मिलते ही एमआईडीसी पुलिस थाने के साथ शहर और रिजर्व पुलिस बल के अधिकारी व जवान मौके पर तैनात किये गये। हालांकि, कर्मचारी अपनी मांगों पर अड़े रहे। भारतीय कामगार सेना के सुनील जुमडे और शिवसेना शिंदे गुट के कलमेश्वर तहसील अध्यक्ष ब्रिजलाल रघुवंशी ने भी आंदोलन को समर्थन दिया और कंपनी प्रबंधन से कर्मचारियों की मांगों पर तत्काल सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की।

कामगारों के अनुसार, केंद्र सरकार के नियमों के तहत आईटीआई, पॉलिटेक्निक सहित तकनीकी शिक्षा प्राप्त युवाओं को तीन वर्ष तक रोजगार देकर कुशल कामगार के रूप में प्रशिक्षित करने की प्रक्रिया चल रही है। कर्मचारियों का कहना है कि इस व्यवस्था से पहले से कार्यरत अस्थायी कर्मचारियों के रोजगार की सुरक्षा को लेकर अनिश्चितता पैदा हो रही है। कर्मचारियों के मुताबिक, कंपनी में एक हजार से अधिक अस्थायी कामगार कार्यरत हैं और इनमें कई ऐसे हैं, जो 15 वर्ष से अधिक समय से कंपनी में काम कर रहे हैं। ऐसे में उम्र बढ़ने के बाद नौकरी छूटने पर नई नौकरी तलाशना उनके लिए मुश्किल होगा। इसलिए उन्होंने स्थायी नियुक्ति और रोजगार की सुरक्षा की मांग उठाई है।
सोशल मीडिया ग्रुप से शुरू हुई लामबंदी :
कामगारों ने अपनी समस्याओं और आंदोलन की रणनीति पर चर्चा के लिए सोशल मीडिया पर एक ग्रुप बनाया था। इसमें एक हजार से अधिक अस्थायी कर्मचारी जुड़े थे। कर्मचारियों का आरोप है कि प्रबंधन को इस ग्रुप की जानकारी मिलने के बाद कुछ कर्मचारियों और ग्रुप एडमिन को फोन कर नौकरी से हटाने की चेतावनी दी गई। कुछ कर्मचारियों के माता-पिता को भी फोन किए जाने का आरोप है। इससे कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ी और उन्होंने काम पर जाने के बजाय कंपनी के मुख्य द्वार पर धरना शुरू कर दिया।
आंदोलनकारियों ने रोजगार की सुरक्षा, कामगारों के अधिकार और भविष्य की रोजगार संभावनाओं को लेकर प्रबंधन से स्पष्ट नीति घोषित करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर सकारात्मक समाधान नहीं निकला तो आंदोलन को और तीव्र किया जाएगा।
तीन माह में समाधान का आश्वासन
आंदोलन के दौरान कंपनी प्रबंधन और कर्मचारियों के कुछ प्रतिनिधियों के बीच चर्चा हुई। इसी बीच ब्रिजलाल रघुवंशी ने राज्य के उद्योग मंत्री उदय सामंत से फोन पर संपर्क किया और उन्हें कर्मचारियों की समस्याओं से अवगत कराया। मंत्री सामंत ने कामगारों से फोन पर बातचीत कर उनकी मांगें सुनीं। उन्होंने केंद्र सरकार की रोजगार एवं प्रशिक्षण योजना के नियमों की जानकारी लेने तथा महिंद्रा एंड महिंद्रा प्रबंधन से स्वयं चर्चा कर मामले में तीन माह के भीतर उचित समाधान निकालने का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रबंधन की ओर से भी सकारात्मक निर्णय लेने का आश्वासन मिलने पर दोपहर करीब 2 बजे कर्मचारियों ने आंदोलन वापस ले लिया।





