– मां और तीनों नवजात सुरक्षित, दूरदराज क्षेत्र में डॉक्टरों की तत्परता से टला खतरा
नागपुर :- गढ़चिरोली जिले के एटापल्ली तहसील के दुर्गम हेडरी क्षेत्र स्थित लॉयड्स काली अम्माल मेमोरियल हॉस्पिटल (एलकेएएमएच) में डॉक्टरों ने हाई रिस्क ट्रिपलेट गर्भावस्था का सफल प्रबंधन करते हुए 32 सप्ताह 5 दिन में तीन बच्चों की सुरक्षित डिलीवरी कराई। आपातकालीन सीजेरियन ऑपरेशन के जरिए दो बेटियों और एक बेटे का जन्म हुआ। मां और तीनों नवजात फिलहाल सुरक्षित हैं।
मांगर गांव की 32 वर्षीय महिला की गर्भावस्था के दौरान अल्ट्रासाउंड में तीन बच्चों की पुष्टि हुई थी। मार्च से अस्पताल में उसका नियमित उपचार और निगरानी की जा रही थी। 11 अगस्त को हल्के पेट और कमर दर्द की शिकायत के बाद उसे अस्पताल में भर्ती किया गया था। गर्भावस्था को हाई रिस्क देखते हुए डॉक्टर नियमित अल्ट्रासाउंड और बच्चों की हृदय गति की निगरानी कर रहे थे। संभावित समय से पहले प्रसव को देखते हुए बच्चों के फेफड़ों के विकास में मदद के लिए आवश्यक दवाएं दी गईं और आपात स्थिति के लिए पहले से रक्त की व्यवस्था भी की गई थी।
तीन मिनट में तीन बच्चों का जन्म
21 अगस्त की रात डॉक्टरों ने बच्चों के रक्त संचार और हृदय गति में चिंताजनक बदलाव देखे। गर्भ में बच्चों को परेशानी की आशंका को देखते हुए तत्काल सीजेरियन ऑपरेशन का निर्णय लिया गया। रात 9.25 बजे पहली बेटी का जन्म हुआ, जिसका वजन 1.360 किलोग्राम था। एक मिनट बाद 9.26 बजे दूसरी बेटी ने जन्म लिया, जिसका वजन 1.186 किलोग्राम था। रात 9.27 बजे 1.530 किलोग्राम वजन के बेटे का जन्म हुआ। कम वजन के कारण तीनों नवजातों को तत्काल अस्पताल के विशेष नवजात देखभाल कक्ष में भर्ती किया गया। डॉक्टरों की निगरानी में तीनों की स्थिति फिलहाल ठीक बताई गई है। ऑपरेशन के बाद मां की हालत भी स्थिर है।
इस जटिल ऑपरेशन को दो स्त्री रोग विशेषज्ञों, दो एनेस्थीसियोलॉजिस्ट और दो बाल रोग विशेषज्ञों सहित ऑपरेशन थिएटर, नर्सिंग और नवजात देखभाल टीम ने मिलकर पूरा किया। दूरदराज और आदिवासी क्षेत्रों में हाई रिस्क गर्भावस्था के दौरान नियमित जांच और समय पर चिकित्सा सुविधा की अहमियत इस मामले से सामने आई है। लॉयड्स मेटल्स एंड एनर्जी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक बी. प्रभाकरण ने चिकित्सा टीम को सफल उपचार के लिए बधाई दी।





