– घटनास्थल का किया निरीक्षण, जांच में जुटीं पुलिस की कई टीमें
नागपुर :- भांडेवाड़ी थाना क्षेत्र में कांग्रेस पार्षद शुभम मोटघरे के घर पर मंगलवार देर रात हुई फायरिंग के बाद शहर में कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है। घटना के एक दिन बाद बुधवार को पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटिल ने मोटघरे के घर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और उनके परिवार से मुलाकात की। उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से चर्चा कर मामले की जांच की प्रगति की समीक्षा भी की।
पुलिस आयुक्त ने मोटघरे और उनके परिवार को भरोसा दिलाया कि घटना को गंभीरता से लिया जा रहा है। आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार करने के लिए पुलिस की ओर से हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। घटना के बाद आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस की कई टीमें गठित की गई हैं। क्राइम ब्रांच को भी जांच में शामिल किया गया है।
48 घंटे बाद भी आरोपी फरार:
मंगलवार देर रात अज्ञात हमलावरों ने मोटघरे के घर को निशाना बनाते हुए गोलीबारी की थी। घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है, लेकिन फायरिंग से इलाके में दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू किया। पुलिस संदिग्ध लोगों की गतिविधियों के साथ ही घटना से पहले और बाद के मूवमेंट की भी जानकारी जुटा रही है। घटना के 48 घंटे से अधिक समय बीतने के बावजूद मुख्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। पुलिस ने कुछ संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है और उनके संभावित संबंधों की जांच की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ, सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी सबूतों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिलेगी।
क्राइम ब्रांच ने तेज की जांच
निर्वाचित जनप्रतिनिधि के घर हुई फायरिंग को गंभीरता से लेते हुए क्राइम ब्रांच की टीम भी जांच में जुट गई है। अलग-अलग टीमें आरोपियों की पहचान और उनके संभावित ठिकानों का पता लगाने में लगी हैं। जांच अधिकारी आसपास के सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की गतिविधियों का घटनाक्रम तैयार कर रहे हैं। साथ ही यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि फायरिंग से पहले आरोपियों ने पार्षद के घर की रेकी तो नहीं की थी और क्या वारदात पहले से सुनियोजित थी।
कांग्रेस नेताओं ने भी पहुंचकर ली जानकारी:
फायरिंग की घटना के बाद राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई। कांग्रेस विधायक विकास ठाकरे सहित पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता मोटघरे के घर पहुंचे और घटना की जानकारी ली। पार्षद अतुल कोटेचा समेत अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। बड़ी संख्या में नेताओं और समर्थकों के पहुंचने से देर रात तक इलाके में तनावपूर्ण माहौल बना रहा।
फायरिंग के पीछे का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। पुलिस कई संभावित कारणों को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। इनमें पुराने रंगदारी के मामले को भी एक प्रमुख एंगल माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि मोटघरे ने कुछ समय पहले रंगदारी मांगने के आरोप में एक व्यक्ति को पुलिस के हवाले किया था। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं मौजूदा फायरिंग का संबंध उसी मामले से तो नहीं है। इसके अलावा पारिवारिक विवाद, संपत्ति संबंधी मामले, निजी या कारोबारी विवाद और संभावित राजनीतिक रंजिश के पहलुओं की भी जांच की जा रही है। हालांकि, पुलिस ने अभी किसी भी एंगल की पुष्टि या उसे खारिज नहीं किया है।





