– 13 महिला समूहों ने प्रस्तुतियों से बिखेरे महाराष्ट्र की लोकपरंपरा और संस्कृति के रंग
नागपुर :- महाराष्ट्र की पारंपरिक लोकसंस्कृति और श्रावणी उत्सव की मनमोहक झलक पेश करते हुए “मंगलागौर श्रावण कवीन स्पर्धा” का आयोजन माऊली आरोग्य धनसंपदा की प्रमुख आयोजक कविता रेवतकर के नेतृत्व में मधुरम सभागृह में उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। विदर्भ हिंदी साहित्य सम्मेलन के ‘नवरंग’ उपक्रम के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में 13 महिला समूहों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता दर्ज कराई।
प्रतियोगिता में महिलाओं ने पारंपरिक श्रावणी वेशभूषा, लोकगीत, संगीत और विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं और मनमोहक प्रस्तुतियों ने पूरे सभागृह को श्रावण उत्सव के रंग में रंग दिया। कार्यक्रम के माध्यम से महाराष्ट्र की समृद्ध लोकपरंपरा और सांस्कृतिक विरासत की सुंदर झलक देखने को मिली।
कार्यक्रम का शुभारंभ नागसेविका शारदा बारई, राजलक्ष्मी झाड़े, राजू बावनकुले, डॉ. श्रीरंग वहाडपांडे एवं ज्योति द्विवेदी सहित उपस्थित अतिथियों के हस्ते मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।
प्रमुख आयोजक कविता रेवतकर ने कार्यक्रम की रूपरेखा एवं उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। वहीं ‘नवरंग’ की संयोजिका सुजाता दुबे ने संस्था के परिचय एवं विभिन्न उपक्रमों की जानकारी दी।
प्रतियोगिता में 13 महिला समूहों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। प्रतियोगिता का मूल्यांकन रोशनी तिरपुड़े एवं रंजना शिंगाड़े ने किया। प्रतियोगिता में उषा शिंदे (गुरुकृपा योग ग्रुप) ने प्रथम, ईशा रणदिवे (मित्र विहार, आराधना नगर) ने द्वितीय तथा ज्योति ढगे एवं प्रियंका केलवधे ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विजेताओं को अतिथियों के हस्ते पुरस्कार एवं सम्मान प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में ज्येष्ठ नागरिक मंडल की महिलाओं की उत्साहपूर्ण सहभागिता विशेष आकर्षण का केंद्र रही। पारंपरिक वेशभूषा, लोकगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सभागृह को पूरी तरह उत्सवमय बना दिया।
कार्यक्रम का प्रभावी संचालन अंजुषा भटनागर ने किया। अंत में सुजाता दुबे ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।





