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मनपा स्वास्थ्य निरीक्षक को रिश्वतखोरी में सश्रम कारावास

– वेतन निकालने के लिए मांगी रिश्वत, जिला न्यायालय ने सुनाई सजा

नागपुर :- सफाई कर्मचारी का वेतन निकालने के लिए 4 हजार रुपये रिश्वत मांगने वाले नागपुर महानगरपालिका के स्वास्थ्य निरीक्षक खिलावन गणू राम लांजेवार को जिला एवं सत्र न्यायालय ने दोषी करार देते हुए सश्रम कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई। यह मामला वर्ष 2015 का है और हुडकेश्वर थाना क्षेत्र में एसीबी द्वारा की गई कार्रवाई से जुड़ा है।

प्रकरण के अनुसार, प्रभाग क्रमांक 32 में कार्यरत एक सफाई कर्मचारी की गैरहाजिरी के कारण उसका वेतन निकालने की प्रक्रिया रोक दी गई थी। वेतन जारी करने के लिए तत्कालीन स्वास्थ्य निरीक्षक लांजेवार ने संबंधित महिला से 4 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। रिश्वत देने की इच्छुक नहीं होने पर महिला ने वर्ष 2015 में एसीबी से शिकायत की। शिकायत के आधार पर एसीबी ने जाल बिछाया। कार्रवाई के दौरान लांजेवार ने पंचों के समक्ष 3 हजार रुपये की रिश्वत स्वीकार की। जांच पूरी होने के बाद मामला अदालत में पेश किया गया।

जिला एवं सत्र न्यायालय के न्यायाधीश एस.एच. ग्वालानी के समक्ष हुई सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक सरकारी वकील अभय जिकार ने प्रभावी पैरवी की। मामले में शिकायतकर्ता, पंच गवाह, जांच अधिकारी और सक्षम अधिकारी समेत कुल पांच गवाहों के बयान दर्ज किये गये। उपलब्ध सबूतों और गवाहों की गवाही के आधार पर अदालत ने लांजेवार को दोषी ठहराया। अदालत ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत 3 वर्ष सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माना तथा धारा 13(1)(ड) के तहत 4 वर्ष सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा नहीं करने पर दोनों धाराओं में छह-छह महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

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