– विदर्भ-मराठवाड़ा में वर्षा की कमी बरकरार, 4 और 5 सितंबर को तेज बारिश का अनुमान
नागपुर :- महाराष्ट्र में इस वर्ष मानसून की स्थिति उम्मीद के मुताबिक नहीं रही है। हालांकि, सितंबर के पहले सप्ताह में राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश का जोर बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, 4 और 5 सितंबर के दौरान मध्य महाराष्ट्र, विदर्भ और उत्तर मराठवाड़ा के कुछ क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। इसके बाद एक बार फिर बारिश कमजोर पड़ने का अनुमान है। 10 से 24 सितंबर के बीच महाराष्ट्र में बारिश सामान्य से कम रहने की संभावना जताई गई है।
राज्य के मराठवाड़ा और विदर्भ क्षेत्रों में बारिश की कमी अब भी बनी हुई है। अब तक मराठवाड़ा में औसत से 27 प्रतिशत कम, जबकि विदर्भ में 24 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। जून और जुलाई में भी अपेक्षित बारिश नहीं होने से इन क्षेत्रों में स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। अगस्त में भी बारिश का अपेक्षित जोर नहीं रहने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। ऐसे में सितंबर के शुरुआती दिनों में होने वाली बारिश से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
पूर्व विदर्भ के लिए येलो अलर्ट:
बंगाल की खाड़ी में बन रहे कम दबाव के क्षेत्र का असर महाराष्ट्र के मौसम पर पड़ने की संभावना है। इसके चलते पूर्व विदर्भ में आज कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने क्षेत्र के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं, हिंगोली, लातूर और नांदेड जिलों में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान है। राज्य के अन्य हिस्सों में बादल छाए रहने और हल्की बारिश होने की संभावना है।
बंगाल की खाड़ी में बन रहा कम दबाव:
पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के तटवर्ती क्षेत्र के ऊपर समुद्र तल से करीब 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर चक्राकार हवाओं की स्थिति बनी हुई है। इसके प्रभाव से पश्चिम बंगाल और ओडिशा के तट के पास कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इस मौसम प्रणाली का असर अगले कुछ दिनों में मध्य भारत के मौसम पर पड़ सकता है।मौसम विभाग के अनुसार, 27 अगस्त से 10 सितंबर के बीच पूर्वी भारत में अच्छी बारिश की संभावना है। इसी दौरान 4-5 सितंबर को मध्य भारत, विदर्भ और उत्तर मराठवाड़ा में बारिश का जोर बढ़ सकता है।





