– चार चरणों में होगा पुनर्विकास, शीतकालीन अधिवेशन में बनेगा अलग बजट हेड
नागपुर :- दीक्षाभूमि के चार चरणों में प्रस्तावित पुनर्विकास के लिए राज्य सरकार ने 12 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने बताया कि आगामी शीतकालीन विधानसभा सत्र में परियोजना के लिए अलग बजट हेड बनाया जाएगा।
बावनकुले ने नागपुर महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एनएमआरडीए) द्वारा तैयार प्रारंभिक खाके की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दीक्षाभूमि पुनर्विकास के लिए स्वतंत्र बजट हेड बनाने के निर्देश दिए हैं। प्रारंभिक खाका दीक्षाभूमि ट्रस्ट के सदस्यों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को सुझाव के लिए भेजा जाएगा। रामटेक के सांसद श्याम बर्वे सहित संबंधित प्रतिनिधियों को अपनी राय देने के लिए 15 दिन का समय दिया जाएगा। सुझावों के आधार पर योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा और 5 अक्टूबर तक अंतिम खाका तैयार होने की संभावना है।
अक्टूबर में समितियों की बैठक
जिला स्तरीय समिति की बैठक 7 या 8 अक्टूबर को प्रस्तावित है। इसके बाद अक्टूबर में राज्य स्तरीय उच्चाधिकार समिति की बैठक होगी। प्रस्ताव को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली समिति के समक्ष मंजूरी के लिए रखा जाएगा। परियोजना की जरूरत के अनुसार अतिरिक्त निधि उपलब्ध कराने की बात भी बावनकुले ने कही।
चार चरणों में होगा विकास
प्रस्तावित योजना के पहले और दूसरे चरण में वर्तमान में उपलब्ध जमीन पर विकास कार्य किए जाएंगे। वहीं तीसरे और चौथे चरण के लिए अतिरिक्त जमीन की आवश्यकता होगी। इसमें स्वास्थ्य विभाग और केंद्र सरकार के स्वामित्व वाली जमीन शामिल है।





